महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड पर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस का दावा है कि हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान है. उसी ने लोगों को भड़काया और (mastermind of Nagpur violence) करीब 500 लोगों को पुलिस स्टेशन पर इकट्ठा किया.
mastermind of Nagpur violence – नागपुर के गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दर्ज दूसरी एफआईआर में ये खुलासा हुआ है. एफआईआर के मुताबिक, भीड़ ने अंधेरे का फायदा उठाकर महिला पुलिस कर्मी के साथ छेड़खानी करने की भी कोशिश की. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गांधी गेट के पास छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले के सामने औरंगजेब की कब्र के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और औरंगजेब का प्रतीकात्मक पुतले को फूंका.
फहीम ने जुटाई भीड़
इसके खिलाफ माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम खान की अध्यक्षता में पुलिस स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा हुई. इस भीड़ ने कुल्हाड़ी, पत्थर, लाठियां और अन्य खतरनाक हथियारों के साथ क्षेत्र में आतंक पैदा करने के इरादे से घातक हथियारों को हवा में लहराया और लोगों में भय पैदा किया और धार्मिक दुश्मनी बढ़ाने के इरादे से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया.
भीड़ के सदस्यों ने जान से मारने की नियत से भालदारपुरा चौक इलाके में पुलिस पर घातक हथियार, पत्थर से हमला किया. उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी कर्तव्यों से हतोत्साहित करने के लिए पेट्रोल बम तैयार किए और उन पर फेंके. उनमें से कुछ ने अंधेरे का फायदा उठाकर आरसीपी दस्ते की एक महिला कांस्टेबल की वर्दी और शरीर को छुआ. उसने अन्य महिलाओं के साथ भी यौन दुर्व्यवहार किया और उनका यौन उत्पीड़न किया. कुछ महिला कर्मचारियों को देखकर उन्होंने अश्लील इशारे किए और भद्दे कमेंट किए.
लोगों ने क्या कहा?
महाराष्ट्र में नागपुर के महल इलाके में सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया. इलाके में यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर VHP के आंदोलन के दौरान एक समुदाय के धर्म ग्रंथ को जला दिया गया. अफवाह फैलने के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई.

