दुर्ग: दुर्ग पुलिस ने साइबर और आर्थिक अपराधों में लिप्त एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सुपेला पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने म्यूल अकाउंट (Mule Account) सेटअप के मास्टरमाइंड मनोज कुमार भुतड़ा को उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, फिनो पेमेंट किट और अन्य दस्तावेज़ बरामद किए हैं। वर्ष 2022 से सक्रिय यह गिरोह साइबर ठगों को साधारण खाता 15-20 हजार और करंट अकाउंट 40-50 हजार रुपये में बेचता था। आरोपी ने अब तक 200 से अधिक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया है। आरोपी अपनी साठगांठ से बैंक खातों को होल्ड करवाकर और बाद में उसे खुलवाकर ठगी की रकम निकाल लेता था।

💼 38 लाख का गबन: कंपनी के विश्वास को तार-तार कर फरार हुआ सेल्स ऑफिसर, बिलासपुर से हुआ गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस को दूसरी बड़ी सफलता आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में मिली है। जेवरा सिरसा स्थित ‘गोयल ट्रेडर्स’ के साथ 38 लाख रुपये का गबन करने वाले एरिया सेल्स ऑफिसर राजेश जायसवाल को पुलिस ने बिलासपुर से धर दबोचा। आरोपी पर आरोप है कि उसने वर्ष 2020 से 2022 के बीच व्यापारियों से वसूली गई रकम को कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय अपने निजी मकान के निर्माण और विलासिता में खर्च कर दिया। अपराध दर्ज होने के बाद से ही आरोपी ठिकाने बदल-बदल कर फरार चल रहा था। दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे बिलासपुर में ट्रैक कर लिया।

⚖️ पुलिस की सख्त कार्रवाई: न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी

सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि म्यूल अकाउंट मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अन्य फरार साथियों की तलाश तेज कर दी गई है। वहीं, गबन के आरोपी राजेश जायसवाल के विरुद्ध धारा 409 और 420 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई दुर्ग पुलिस की सतर्कता और साइबर-आर्थिक अपराधियों पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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