बालोद: शहर के सबसे प्रमुख और पुराने सदर बाजार में सोमवार तड़के प्रशासन ने एक बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। सुबह 6 बजे से ही अपर कलेक्टर और एसडीएम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाए गए। प्रशासन के अनुसार, सदर बाजार का मुख्य मार्ग करीब 40 मीटर चौड़ा है, लेकिन वर्षों से जारी अतिक्रमण के कारण यह बेहद संकरा हो गया था, जिससे आपातकालीन वाहनों का गुजरना भी दूभर हो गया था।
🚧 छावनी में बदला शहर: बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा के बीच कार्रवाई
सदर बाजार के इस अभियान के दौरान पूरा शहर छावनी में तब्दील नजर आया। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले व्यापारियों के साथ बैठक की थी और नोटिस भी जारी किए थे। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने अपना सामान नहीं हटाया, जिसके कारण उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ा। इस अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कुछ व्यापारी न्यायालय की शरण में भी गए थे, लेकिन प्रशासन ने आम जनता और विभिन्न संगठनों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।
⚖️ प्रशासन का तर्क: जनता की मांग और सुरक्षा बनी प्राथमिकता
एडीएम चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि जिला मुख्यालय बनने के बाद से सदर बाजार में आवाजाही काफी बढ़ गई है। आए दिन लगने वाले जाम और यातायात के दबाव को कम करना अनिवार्य था। सड़क के दोनों तरफ किए गए 3-3 मीटर के अवैध कब्जों को हटाए जाने के बाद अब शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आम लोगों की मांग और आपातकालीन सेवाओं की सुगमता को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।


