| Due to Earthquake बुधवार को असम में सुबह-सुबह भूकंप के झटके से धरती कांप गई। लेकिन लोग तब और ज्यादा भयभीत हो गए जब असम की धरती 24 घंटे के दौरान 18 बार हिली। दरअसल, वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार बड़े भूकंप के बाद काफी समय तक आफ्टर शॉक आते रहते हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण असम के शोणितपुर जिला के ढेकियाजुली में 28 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर आए 6.4 तीव्रता का भूकंप है। बड़े भूकंप के बाद लगातार रुक-रुक कर झटके आ रहे हैं। इनमें 4.7, 4 और 4.6 तीव्रता के झटके महसूस किये गये। बाकी की तीव्रता 3 से दर्ज हुई है। 28 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर आया पहला झटकाबता दें कि 28 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 51 मिनट से आरंभ भूकंप के झटकों का सिलसिला दूसरे दिन यानी 29 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 13 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान कुल 18 झटके महसूस किये गये हैं। लगातार भूकंप के झटकों से लोगों के बीच बेहद भय व्याप्त है। हल्की सी आहट पर लोग घरों से बाहर निकल आते हैं। Due to Earthquake 24 घंटे में 18 बार हिली धरती पहला झटका 28 अप्रैल को 07.51 पर 6.4 तीव्रता दर्ज किया गया। उसके बाद से लगातार भूकंप के झटके आते रहे। भूकंप का एपिक सेंटर दो को छोड़कर अन्य सभी शोणितपुर जिला में ही स्थित था। सिस्मोलॉजी विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले भूकंप के बाद 08.13 मिनट पर 4.0 तीव्रता, 8.25 मिनट पर 3.6 तीव्रता. 8.44 मिनट पर 3.6 तीव्रता, 10.05 मिनट पर 3.2 तीव्रता, 10.39 मिनट पर 3.4 तीव्रता, 12.32 मिनट पर 2.9 तीव्रता, 14.34 मिनट पर 3.4 तीव्रता, 15.55 मिनट पर 2.9 तीव्रता, 17.39 मिनट पर 3.0 तीव्रता, 21.38 मिनट पर 2.8 तीव्रता दर्ज की गयी। यह भी पढ़े:- America,Britain and Russia की कोविड राहत सामग्री पहुंची भारत वहीं 29 अप्रैल को 00.24 मिनट पर 2.6 तीव्रता, 01.10 मिनट पर 2.9 तीव्रता, 01.20 मिनट पर 4.6 तीव्रता, 01.41 मिनट पर 2.3 तीव्रता, 01.52 मिनट पर 2.7 तीव्रता, 02.38 मिनट पर 2.7 तीव्रता, 07.13 मिनट पर 3.1 तीव्रता दर्ज किया गया है। गौरतलब हो, 6.4 तीव्रता के भूकंप के कारण असम के अलावा पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, मेघालय आदि में भी असर दिखायी दिया। भूकंप के दौरान असम में कुछ लोग घायल भी हुए हैं, हालांकि बिल्डिंगों को काफी नुकसान हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिल्डिंगों में काफी दरार आई है। आपदा प्रबंधन विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। Image Source:- www.google.com |


