मंडी: हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में डाक पहुंचाना अब एक आसान और तीव्र प्रक्रिया बन गई है। भारतीय डाक विभाग ने मंडी जिले में ‘ड्रोन आधारित डाक वितरण’ सेवा का सफल ट्रायल किया है। मंडी से रेहरधार के बीच शुरू हुई यह सेवा घंटों के सफर को चंद मिनटों में समेटकर डाक वितरण प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है।

⏱️ घंटों का काम, मात्र 7 मिनट में

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जो दूरी तय करने में पहले घंटों का समय लगता था, अब वह मात्र 7 मिनट में पूरी हो रही है। यह परियोजना विशेष रूप से ग्रामीण डाक सेवकों और सहायकों द्वारा दिए गए फीडबैक के आधार पर तैयार की गई है। ड्रोन की वास्तविक समय ट्रैकिंग (Real-time Tracking) की सुविधा इसे और भी सुरक्षित बनाती है।

🚀 तकनीकी विशेषताएं और क्षमता

मंडी डाक विभाग और निजी कंपनी ‘स्काई एयर’ के इस संयुक्त प्रयास की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • ड्रोन की क्षमता: यह ड्रोन 10 किलोग्राम तक का भार उठाने में सक्षम है।

  • रेंज: एक बार में यह 30 से 50 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।

  • समय की बचत: 12 किलोमीटर का दुर्गम रास्ता ड्रोन ने महज 6 से 7 मिनट में पूरा किया, जबकि सड़क मार्ग से इसमें पूरा दिन लग सकता है।

🌐 देश भर में विस्तार की योजना

यह तकनीक केवल मंडी तक सीमित नहीं है, बल्कि स्काई एयर के सहयोग से देशभर के करीब 150 स्थानों पर इसे संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में मंडी में 8 ड्रोन के माध्यम से 10 प्रमुख स्थानों को इस सेवा से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के दृष्टिकोण को साकार करते हुए, यह पहल सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा की सेवाओं से जोड़ने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

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