लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की बिसात अभी से बिछने लगी है। भाजपा की सहयोगी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने चुनावी मैदान में उतरते हुए 32 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर दी है। पार्टी का मुख्य फोकस समाजवादी पार्टी (SP) के गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ डिविजन पर है। SBSP के राष्ट्रीय (UP Assembly Election 2027) महासचिव अरुण राजभर ने घोषणा की है कि वे खुद अतरौलिया विधानसभा सीट से चुनावी ताल ठोकेंगे।

 सपा के ‘MY’ समीकरण को चुनौती

पार्टी प्रमुख और प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। वे आजमगढ़ में सपा के ‘मुस्लिम-यादव’ (MY) सोशल गठबंधन को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजभर की यह रणनीति NDA के उस नैरेटिव को आगे बढ़ाने की है, जिसका (UP Assembly Election 2027) मकसद सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव के प्रभाव को कम करना है।

 SBSP का चुनावी इतिहास और प्रभाव
    • 2022 का चुनाव: SBSP सपा के साथ गठबंधन में थी, 19 सीटों पर चुनाव लड़ा और 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी का दावा है कि सपा की उस जीत में ओम प्रकाश राजभर के वोट बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

    • 2017 का चुनाव: NDA के साथ रहते हुए पार्टी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटों पर जीत हासिल की थी। अरुण राजभर का कहना है कि अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में सपा को “सबक सिखाया जाएगा” और उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ आजमगढ़ में सक्रिय है।

       

 

 

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