उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रशासनिक कामकाज में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। मीरगंज तहसील में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात रेहान खान को निर्धारित तीन अवसरों में भी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास न कर पाने के कारण पदावनत कर दिया गया है, और अब वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्य करेंगे।
💰 2. फरीदपुर तहसील में राजस्व वसूली की रकम गबन करने के मामले में कनिष्ठ सहायक की सेवाएं समाप्त
दूसरी बड़ी कार्रवाई फरीदपुर तहसील से जुड़े मामले में की गई है, जहाँ कनिष्ठ सहायक रहीं अंशु वर्मा (शर्मा) पर अमीनों द्वारा जमा कराई गई राजस्व वसूली की रकम को सरकारी खाते के बजाय निजी खाते में डालने का गंभीर आरोप था। वर्ष 2015-16 के इस मामले में दोबारा जांच कमेटी गठित की गई, जिसमें आरोप सिद्ध होने के बाद डीएम ने उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
🕒 3. तीन अन्य कर्मचारियों को मिला अंतिम मौका, डीएम बोले- कार्यकुशलता और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने टाइपिंग टेस्ट में कमजोर रहे कंचित चौधरी, राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को सुधार के लिए दो महीने का अंतिम अवसर दिया है। डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन में कार्यकुशलता और पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है, और मानकों की अनदेखी या भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।


