नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए इससे बचने के लिए रविवार को देशवासियों से ‘रुको, सोचो और एक्शन लो’ का मंत्र साझा किया और (Digital Arrest Matters) इस बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 150वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के रचनात्मक ऊर्जा की एक लहर चल रही है और एनिमेशन की दुनिया में ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड बाइ इंडियंस’ छाया हुआ है।

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Digital Arrest Matters – उन्होंने कहा कि एनिमेशन की दुनिया में भारत नई क्रांति की राह पर है जबकि ‘गेमिंग क्षेत्र’ का भी विस्तार हो रहा है और ये दुनिया में लोकप्रिय हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर हो रहा भारत, हर क्षेत्र में कमाल कर रहा है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े एक फरेबी और पीड़ित के बीच बातचीत का वीडियो भी साझा किया और कहा कि कोई भी एजेंसी न तो धमकी देती है, न ही वीडियो कॉल पर पूछताछ करती है और न ही पैसों की मांग करती है।

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इंटरनेट के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी का एक बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। इसमें किसी शख्स को ऑनलाइन माध्यम से डराया जाता है कि वह सरकारी एजेंसी के माध्यम से ‘अरेस्ट’ हो गया है और उसे जुर्माना देना होगा। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ के शिकार होने वालों में हर वर्ग और हर उम्र के लोग हैं और वे डर की वजह से अपनी मेहनत से कमाए हुए लाखों रुपए गंवा देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह का कोई कॉल आए तो आपको डरना नहीं है। आपको पता होना चाहिए कि कोई भी जांच एजेंसी फोन कॉल या वीडियो कॉल पर इस तरह पूछताछ कभी नहीं करती।’’ उन्होंने इससे बचने के लिए देशवासियों से ‘रुको, सोचो और एक्शन लो’ का मंत्र साझा किया।

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