धमतरी : राजस्थान के जयपुर में संयम पथ पर अग्रसर होने की विधिवत आज्ञा और दीक्षा का शुभ मुहूर्त प्राप्त करने के उपरांत मुमुक्षु आस्था लुनिया के धमतरी आगमन पर जैन समाज द्वारा उनका ऐतिहासिक और भावभीना स्वागत किया गया। इस पावन अवसर पर सकल जैन समाज द्वारा शहर के प्रमुख घड़ी चौक से लेकर इतवारी बाजार (Aastha Lunia will take jain initiation) स्थित प्राचीन जैन मंदिर तक भव्य अभिनंदन शोभायात्रा निकाली गई।
सांसारिक आकर्षण छोड़ आध्यात्मिक मार्ग चुना
धर्मनगरी के प्रतिष्ठित लुनिया परिवार में पली-बढ़ी आस्था लुनिया बाल्यकाल से ही धर्मपरायण और आध्यात्मिक संस्कारों से ओतप्रोत जीवन जी रही हैं। परिजनों के अनुसार, आस्था धार्मिक अनुष्ठानों, स्वाध्याय और पूज्य गुरु भगवंतों के सानिध्य में रहकर संयम साधना के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं। दीक्षा की गूढ़ मर्यादाओं और त्याग के महत्व को आत्मसात करने के लिए वे जयपुर में आचार्य गुरु भगवंतों के पावन सानिध्य में साधना करेंगी। दीक्षा की आज्ञा और मुहूर्त निश्चित होने के बाद जब वे जैन मंदिर पहुंचीं, तो समाज के प्रबुद्धजनों ने उन्हें उनकी आगामी आध्यात्मिक यात्रा के लिए मंगल आशीष और शुभकामनाएं दीं।
संस्कृत में डिग्री और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग
मुमुक्षु आस्था के पिता धनराज लुनिया ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी सुपुत्री ने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संयम पथ अंगीकार करने का पावन संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि आगामी 10 दिसंबर 2026 को जयपुर (राजस्थान) में दीक्षा का भव्य मुहूर्त निर्धारित किया गया है। अपनी बेटी की योग्यता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आस्था ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग (B.Tech) करने के साथ-साथ संस्कृत साहित्य में भी उच्च डिग्री हासिल की है। आधुनिक शिक्षा और सुख-सुविधाओं के बावजूद उनके वैराग्य भाव को देखकर न केवल परिवार, बल्कि पूरा समाज (Aastha Lunia will take jain initiation) स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।


