देवरिया: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में आखिरकार न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा है। चार महीनों से फरार चल रहे आरोपी लिपिक संजीव सिंह ने पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते शनिवार (20 जून 2026) को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज (clerk Sanjeev Singh surrenders) दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में देवरिया की पूर्व बीएसए (BSA) शालिनी श्रीवास्तव और एक रिटायर्ड प्रिंसिपल पहले ही सलाखों के पीछे हैं।
clerk Sanjeev Singh surrenders – कुशीनगर निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह को 2022 में बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट से बहाली का आदेश मिलने के बाद भी देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नियमों का पालन नहीं किया। आरोप है कि तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह ने बहाली व बकाया वेतन जारी करने के नाम पर शिक्षक से 16 लाख रुपये की घूस मांगी थी। कर्ज लेकर और गहने बेचकर रकम देने के बाद भी बाबू और अधिकारी लगातार और पैसों की मांग कर रहे थे, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए थे।
सुसाइड नोट और वीडियो में खुला भ्रष्टाचार का सच
शिक्षक ने गोरखपुर स्थित अपने आवास पर जान देने से पहले एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने देवरिया बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्ट तंत्र को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा, उनकी जेब से मिले 4 पन्नों के सुसाइड नोट ने विभाग के काले कारनामों की पोल खोल दी थी, जिसमें तत्कालीन बीएसए और लिपिक के नाम सीधे तौर पर शामिल थे।


