नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों का आक्रोश पूरे देश में बना हुआ था। ऐसे में भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों की अहम मांग स्वीकार कर ली है और अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। पूरे देश के छात्र लंबे समय से चल रही इस लड़ाई को (resignation of education minister) इस्तीफे के बाद एक ऐतिहासिक जीत की तरह देख रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की बड़ी जीत है।
resignation of education minister – आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद! जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन की बदौलत कुंभकर्ण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया। पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई अब रोजगार तक जाएगी।
इसे भी पढ़ें – ‘झुकती है दुनिया…’: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर Gen-Z का जश्न, अभिजीत दीपके ने की हुंकार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “भारत के छात्रों की गूंज आखिरकार अहंकारी सत्ता की दहलीज तक पहुंच ही गई। यह हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई। यह सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है।
सोनम वांगचुक ने सराहा आंदोलन
प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। सीधा लोकतंत्र… जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और देश की ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर के माहौल को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई। जवाबदेही से अब देश सुधार की ओर बढ़ रहा है।”


