दिल्ली में ट्रैफिक चालान के नियम में एक अहम बदलाव किया गया है. नए नियम के तहत अब यदि किसी वाहन चालक को लगता है कि उसे गलत चालान जारी हुआ है और वह उसे कोर्ट में चुनौती देना चाहता है, तो उसे सुनवाई से ठीक पहले चालान की कुल राशि का 50 फीसदी अमाउंट पहले जमा करना होगा, जिसके बाद ही कोर्ट में आगे की कार्रवाई शुरू होगी.
🔍 2. सीधे कोर्ट जाने की जरूरत खत्म, सबसे पहले संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करानी होगी चालान की समीक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत अब वाहन चालकों को हर मामले के लिए सीधे कोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं होगी. यदि किसी को ई-चालान गलत लगता है, तो उसे सबसे पहले संबंधित अथॉरिटी से संपर्क कर उसकी समीक्षा (Review) करानी होगी. यदि जांच में चालान सही पाया जाता है या अथॉरिटी उसे रद्द नहीं करती है, तभी वाहन चालक 50% भुगतान की शर्त पूरी कर कोर्ट का रुख कर सकता है.
💰 3. कोर्ट में चालान गलत साबित होने पर वापस मिलेगा पैसा, सही पाए जाने पर भरना होगा बाकी का बचा हुआ अमाउंट
नियम के अनुसार, 50% राशि जमा करना केवल कोर्ट में सुनवाई शुरू करने की एक अनिवार्य शर्त है, इसका मतलब यह नहीं कि चालान सही मान लिया गया है. सुनवाई के दौरान यदि अदालत में चालान गलत साबित होता है, तो चालक को उसका पैसा वापस मिल जाएगा; वहीं, यदि चालान सही पाया जाता है, तो वाहन चालक को बाकी का बचा हुआ 50% जुर्माना भी भरना होगा.


