दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम को एक फौरी राहत दी है. अदालत ने शरजील इमाम को उसके चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए आगामी 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है. इस आदेश के चलते शरजील इमाम तय अवधि यानी 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर की शाम तक जेल से बाहर रहेंगे और इसके बाद उन्हें वापस सरेंडर करना होगा.

📝 2. 50 हजार का भरना होगा बॉन्ड, अदालत ने लगाई कर्नल जैसी सख्त शर्तें; सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक

एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी की अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस अंतरिम जमानत के लिए 50 हजार रुपये का जमानती बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक श्योरिटी (जमानत) देनी होगी. इसके साथ ही अदालत ने कई कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं, जिसके तहत शरजील इमाम जमानत अवधि के दौरान केस से जुड़े किसी भी गवाह या अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं कर सकेंगे. साथ ही उनके सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी और वे परिवार के सदस्यों के अलावा किसी अन्य से नहीं मिलेंगे.

⚖️ 3. सरकारी वकील ने किया था विरोध, कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दी 7 दिन की मोहलत

सुनवाई के दौरान स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अनिरुद्ध मिश्रा ने याचिका का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी पर बेहद गंभीर आरोप हैं और यदि इस तरह शादियों के बहाने जमानत दी जाती रही, तो वह बार-बार ऐसी मांगें दोहराता रहेगा. हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा शादियों की बात की पुष्टि किए जाने और बचाव पक्ष के तर्कों को देखते हुए अदालत ने शरजील को 4 अक्टूबर (दिल्ली) और 7 अक्टूबर (सासाराम, बिहार) की शादियों में शामिल होने के लिए 7 दिन की यह अंतरिम राहत प्रदान की है.

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