दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को आयोजित होने जा रही ‘इंडिया’ गठबंधन की विशाल महारैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और प्रशासनिक तैयारियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत पार्टी के (India alliance’s mega rally) तमाम वरिष्ठ नेता तैयारियों का जायजा लेने के लिए खुद रामलीला मैदान पहुंचे।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए देवेंद्र यादव ने दावा किया कि इस राष्ट्रव्यापी रैली में देश के अलग-अलग कोनों से 10 लाख से अधिक लोग शिरकत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के दिल्ली पहुंचने से स्थानीय व्यापार और कारोबार में भी तेजी देखने को मिलेगी। हालांकि, दूसरी तरफ चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने त्योहारी सीजन का हवाला देते हुए इस रैली की तारीख में बदलाव किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक बार फिर पत्र लिखा है।
India alliance’s mega rally – रामलीला मैदान की पावन भूमि पर आयोजित होने वाली यह महारैली मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तथा विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द कराने के मुख्य उद्देश्यों को लेकर बुलाई गई है। मंगलवार को तैयारियों का मुआयना करने पहुंचे दिग्गज नेताओं में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के अलावा दिल्ली कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा समेत कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
वोट चोरी रोकने के मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है पूरा विपक्ष
देवेंद्र यादव ने कहा कि रैली की सभी तैयारियां बेहद सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं और देशभर से दस लाख से अधिक नागरिकों के इसमें शामिल होने की प्रबल संभावना है। जब उनसे आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के इस रैली में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में उनका आधिकारिक बयान पहले ही सामने आ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन और विपक्ष देश में वोट चोरी की आशंकाओं को रोकने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के साझा मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ एकजुट है।


