नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की ओर से मतदाता सूची में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली आयोजित की जा रही है। इस आगामी मेगा रैली को लेकर तमाम आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार देशवासियों और समर्थकों से इस भव्य रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार (31 अक्टूबर) को राहुल गांधी ने अपील की कि रामलीला मैदान पहुँचने से पहले लोग राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले एक विशेष पैदल मार्च में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। हालांकि, दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के सूत्रों का यह स्पष्ट कहना है कि कनॉट प्लेस से शुरू होने वाले इस प्रस्तावित मार्च के लिए पुलिस प्रशासन से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है।
सोशल मीडिया के जरिए साझा किया गया मार्च का रूट, रविवार दोपहर 12 बजे मिंटो रोड से होगी शुरुआत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस पैदल मार्च के पूरे रूट और समय-सारणी की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘कल मिलते हैं, आइए साथ चलें’। साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह पैदल मार्च रविवार को दोपहर 12 बजे कनॉट प्लेस के नजदीक मिंटो रोड जंक्शन से आरंभ होगा और अजमेर गेट से होते हुए रामलीला मैदान पर जाकर समाप्त होगा।
बिना अनुमति मार्च को लेकर पुलिस का बयान, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
इस सोशल मीडिया पोस्ट और प्रस्तावित मार्च पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि कनॉट प्लेस से इस तरह का कोई भी मार्च निकालने के लिए विभाग से कोई पूर्व आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सांसद और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी निजी गाड़ियों या तय वाहनों से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास अथवा अपनी इच्छानुसार किसी अन्य निर्धारित स्थान पर जाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि जंतर-मंतर, जो लंबे समय तक राजधानी में धरने-प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा है, उसे अब आधिकारिक रूप से विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत लोगों के अनावश्यक इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है और इसमें चुनाव आयोग के आसपास का संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित होगा कार्यक्रम
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रामलीला मैदान और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रखी जाएगी। यहाँ दिल्ली पुलिस के विभिन्न जिलों (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट सहित) के पुलिसकर्मियों के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी तैनात किया जा रहा है। दूसरी ओर, ‘इंडिया’ गठबंधन के तमाम शीर्ष नेता शनिवार दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आधिकारिक आवास (10, राजाजी मार्ग) पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को राजधानी में हुई झमाझम बारिश के चलते इस कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था, जिसे अब नए समय और नए सिरे से आयोजित किया जा रहा है।
खराब मौसम की वजह से टला था पिछला कार्यक्रम, राहुल गांधी ने लोगों को किया आमंत्रित
बीते शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि, ‘बारिश के कारण हमने सर्वसम्मति से आज के कार्यक्रम को कल उसी समय के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था। हमें ऐसा महसूस हुआ कि बारिश और खराब मौसम के बीच हमारे वरिष्ठ नेताओं और बुजुर्गों का खुले में बैठना उचित नहीं रहेगा, इसलिए हम इस कार्यक्रम को आज आयोजित कर रहे हैं’। इसके साथ ही, राहुल गांधी ने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, सिविल सोसाइटी के सदस्यों, मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों को 1 नवंबर को रामलीला मैदान तक निकाले जाने वाले इस विरोध मार्च में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा आयोजन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की टीम द्वारा भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों को कथित रूप से कमजोर किए जाने के विरोध में किया जा रहा है।
गृह मंत्री पर लोगों को दिल्ली आने से रोकने का आरोप, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और विशेषकर गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लोगों को इस शांतिपूर्ण रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली आने से रोकने के तमाम प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘गृह मंत्री लोगों को दिल्ली पहुँचने से रोकने की पूरी कोशिश में जुटे हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब जैसे विभिन्न राज्यों से आने वाले हमारी पार्टी के कार्यकर्ता और आम नागरिक राजधानी तक न पहुँच सकें, लेकिन इसके बावजूद जनता अपनी आवाज बुलंद करने जरूर आएगी’।


