पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है. चुनाव आयोग अब राज्य में वोटर्स की ओर से जमा किए गए फॉर्म की जांच कर रहा है. आयोग (Delhi keeps close eye) यहां पर जांच का काम बेहद सतर्कतापूर्वक कर रहा है. अब इसके लिए आयोग एक नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार के अधिकारियों को सूक्ष्म पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात करने जा रहा है.
चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने कल शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सूक्ष्म पर्यवेक्षण के लिए ग्रुप- बी या उससे ऊपर के अफसरों का एक डेटाबेस तैयार किया जा रहा है. मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ऑफिस के एक अधिकारी ने कहा, “ये सूक्ष्म पर्यवेक्षक बीएलओ की ओर से अपलोड किए गए गणना फॉर्मों की डिजिटल रूप से जांच करेंगे. साथ ही वोटर्स की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों की भी जांच करेंगे और किसी भी गड़बड़ी की पहचान करने के लिए सुनवाई की कार्यवाही का निरीक्षण करेंगे.”
Delhi keeps close eye – उन्होंने यह भी कहा कि माइक्रो पर्यवेक्षक बनाए गए अफसर मतदाता सूची पर्यवेक्षकों (Electoral Roll Observers) और विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षकों (Special Electoral Roll Observers) की भी सहायता करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि जिला मजिस्ट्रेट सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को सभी तरह की जरुरी लॉजिस्टिक सपोर्ट और सुरक्षा मुहैया कराएंगे. इसके अलावा 16 फरवरी तक उनकी इस सेवा के लिए उचित भुगतान भी किया जाएगा.

