नई दिल्ली : केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने गुरुवार को संसदीय ऊर्जा समिति के (Power Crisis Strategy) सामने देश में पैदा होने वाली संभावित बिजली की चुनौतियों और उनसे पूरी मजबूती से निपटने की अपनी त्रिस्तरीय रणनीतियों का पूरा ब्यौरा पेश किया है। ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से अतिरिक्त सचिव हिमांशु सिंह ने संसदीय समिति को आश्वस्त करते हुए बताया कि देश में किसी भी तरह के बड़े बिजली संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है और बैकअप प्लान पर काम कर रही है।
📈 जून में 271 और जुलाई में 283 गीगावॉट पहुंचेगी पीक पावर डिमांड
संसदीय सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से समिति को आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए बताया गया है कि बीते अप्रैल महीने में जहां देश की पीक पावर डिमांड 256 गीगावॉट तक पहुंच गई थी, वहीं 20 मई को यह और अधिक बढ़कर 265 गीगावॉट के स्तर को छू चुकी है। मौसम के कड़े मिजाज को देखते हुए सरकार का अनुमान है कि आगामी जून महीने में देश में बिजली की कुल मांग 271 गीगावॉट और जुलाई महीने में यह अपने उच्चतम स्तर यानी 283 गीगावॉट तक पहुंच सकती है।
☀️ सोलर, विंड और हाइड्रो एनर्जी का होगा रणनीतिक इस्तेमाल
पावर मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के साथ मिलकर कई स्तरों पर तकनीकी तैयारी की है। सरकार की यह आधुनिक रणनीति सिर्फ पारंपरिक कोयला उत्पादन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) के अलग-अलग स्रोतों से बिजली उपलब्ध कराने पर भी (Power Crisis Strategy) विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसे इस प्रकार व्यवस्थित किया गया है:
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सौर ऊर्जा (Solar Energy): दिन के समय ग्रिड पर बढ़ते दबाव को थामने के लिए सौर ऊर्जा उत्पादन का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
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पवन ऊर्जा (Wind Energy): जून के महीने से तटीय राज्यों में हवा तेज होने पर विंड एनर्जी उत्पादन बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जिससे ग्रिड को बड़ी राहत मिलेगी।
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जलविद्युत (Hydro Power): देश की बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन को रणनीतिक तरीके से रिजर्व रखा जाएगा, ताकि पीक आवर्स की जरूरत के समय अचानक अतिरिक्त सप्लाई दी जा सके।
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लोड शेयरिंग (Load Sharing): जिन राज्यों में इस समय मांग अप्रत्याशित रूप से ज्यादा है, वहां अतिरिक्त लोड शेयरिंग की व्यवस्था की जा रही है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त बिजली सपोर्ट मांगा है और केंद्र ने यूपी को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
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