दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में आगामी प्रमुख त्योहारों—रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा—के आयोजनों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने तीन उच्चस्तरीय विशेष समितियों का गठन किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर गठित ये समितियां संबंधित पर्वों के लिए आयोजन स्थलों और घाटों की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप देंगी। इसके साथ ही आयोजन परिसरों में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सहायता और फॉगिंग जैसी तमाम नागरिक सुविधाओं की सीधी निगरानी करेंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि इन आस्था के महापर्वों के दौरान श्रद्धालुओं तथा आयोजन समितियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पूर्व पूरी की जाएंगी ताकि राजधानी में पर्व श्रद्धा, भक्ति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
🏹 रामलीला की तैयारियों की कमान मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह के पास: सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी NOC
समिति की संरचना और प्रमुख जिम्मेदारियां:
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समिति का नेतृत्व: दिल्ली में होने वाली सभी रामलीलाओं के लिए स्थानों के चयन, तैयारियों की समीक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए गठित समिति की अध्यक्षता समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, सहकारिता तथा निर्वाचन मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह करेंगे।
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सदस्यों की सूची: समिति में विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। सचिव, राजस्व-सह-मंडलायुक्त (डिविजनल कमिश्नर) समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
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एकल खिड़की प्रणाली (Single Window): समिति संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी जरूरी एनओसी (NOC) समयबद्ध तरीके से जारी कराने की व्यवस्था करेगी।
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नागरिक सुविधाएं: आयोजन स्थलों पर पेयजल, फर्स्ट-एड, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा बल, मोबाइल टॉयलेट, ट्रैफिक डायवर्जन, सफाई, फॉगिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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सामाजिक संदेशों का प्रसार: रामलीला मंचों के माध्यम से ‘पर्यावरण संरक्षण’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘स्वदेशी’, ‘जल संरक्षण’ और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ जैसे जनजागरूकता संदेशों का भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
🌺 दुर्गा पूजा पंडालों और विसर्जन की व्यवस्था संभालेंगे मंत्री कपिल मिश्रा: कृत्रिम तालाबों की होगी व्यवस्था
दुर्गा पूजा समिति की कार्यप्रणाली और रूपरेखा:
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समिति की अध्यक्षता: दुर्गा पूजा आयोजनों के लिए गठित समिति की कमान कानून एवं न्याय, श्रम, रोजगार, विकास, कला एवं संस्कृति भाषा तथा पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा संभालेंगे।
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समिति के सदस्य: इसमें विधायक शिखा रॉय और नीरज बसोया के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भट्टाचार्य, देवदत्त भारद्वाज और अरुण मुखर्जी सदस्य बनाए गए हैं। राजस्व सचिव-सह-मंडलायुक्त इसके सदस्य सचिव होंगे।
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एनओसी और पंडालों की सुरक्षा: डीएम कार्यालयों के माध्यम से पंडालों के लिए सिंगल विंडो से आवश्यक अनुमतियां दिलाई जाएंगी। सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, मोबाइल टॉयलेट, अग्निशमन और ट्रैफिक प्रबंधन की सघन निगरानी होगी।
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पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति विसर्जन: समिति दुर्गा पूजा के दौरान मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम या अस्थायी तालाबों व टैंकों की व्यवस्था करेगी तथा विसर्जन के उपरांत बचे अवशेषों का त्वरित और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करेगी।
🌅 छठ घाटों पर विशेष निगरानी: स्वच्छ जल, प्रकाश और सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता इंतजाम
छठ महापर्व समिति का दायित्व:
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नेतृत्व और सदस्य: छठ पूजा समिति की अध्यक्षता भी मंत्री कपिल मिश्रा करेंगे। इसमें विधायक अभय कुमार वर्मा, चंदन कुमार चौधरी, संदीप सहरावत, दीपक चौधरी और सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ओझा सदस्य रहेंगे।
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घाटों का मुआयना: समिति छठ पूजा के लिए चिन्हित सभी पारंपरिक और नए घाटों का भौतिक सत्यापन करेगी और सिंगल विंडो के तहत अनुमतियां सुनिश्चित करेगी।
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श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं: घाटों पर स्वच्छ जल, एंबुलेंस, चिकित्सा शिविर, गोताखोर, अग्निशमन दल, सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेंजिंग रूम, मोबाइल शौचालय और निर्बाध लाइटिंग की चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
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जागरूकता अभियान: घाटों पर स्वच्छता, यमुना व जल स्रोतों के संरक्षण तथा स्वदेशी अभियानों से संबंधित संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।
🤝 ‘श्रद्धालुओं को न हो किसी तरह की असुविधा’: आस्था और व्यवस्था का समन्वय बनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री का आधिकारिक संदेश:
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सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रेखांकित किया कि रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा केवल धार्मिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि यह दिल्ली के सामाजिक ताने-बाने और सांस्कृतिक विविधता को सूत्रबद्ध करने वाले महापर्व हैं, जिनसे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है।
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अग्रिम व्यवस्थाएं: उन्होंने दोहराया कि सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आत्मीयता से पर्व मनाएं, जिसके लिए प्रशासनिक मशीनरी को समय से पहले पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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सौहार्द और सुरक्षा प्राथमिकता: सरकार सभी परंपराओं का सम्मान करते हुए आस्था, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का उच्च स्तरीय मानक बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


