नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ एक उच्चस्तरीय व महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा विवादों से बचने के लिए व्यवस्थागत बदलावों पर मुहर लगाई गई। अब आयोग की किसी भी बैठक से पूर्व उसका आधिकारिक एजेंडा पहले ही जारी कर दिया जाएगा और बैठक समाप्त होने के बाद उसमें लिए गए निर्णयों व कार्यवाहियों (Minutes of Meeting) को भी सार्वजनिक किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, राजधानी दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 और महाराष्ट्र के लिए 12 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। आयोग ने यह भी अनिवार्य किया है कि सभी अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर की तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर ली जाए।
✈️ अधिकारियों की विदेश यात्रा पर कड़े नियम: बिना पूर्व अनुमति विदेश जाने पर रोक
प्रशासनिक सुधार और अनुशासनात्मक दिशा-निर्देश:
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आयोग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य: बैठक में यह सख्त निर्णय लिया गया है कि चुनाव आयोग से जुड़े किसी भी अधिकारी को विदेश दौरे पर जाने से पहले आयोग से औपचारिक मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
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सख्ती से अनुपालन: चुनाव आयुक्तों द्वारा अधिकारियों को जारी किए जाने वाले सभी प्रशासनिक निर्देशों और गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
✉️ कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर आयोग की स्थिति स्पष्ट: आंतरिक व्यवस्था से जुड़ा था मामला
आयोग ने हाल ही में कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
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नीतिगत मुद्दा नहीं: आयोग ने दोहराया कि यह पत्र ECI या उसके IT डिवीजन से जुड़ी किसी पॉलिसी या नीतिगत मामले को लेकर नहीं था, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
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आदेश अप्रभावी रहे: संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-वितरण आदेश दोनों आयुक्तों के निर्देश के पश्चात प्रभावी नहीं किए गए थे। साथ ही, IT विभाग की निगरानी में उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) की भूमिका कभी वापस नहीं ली गई थी।
📜 SIR पर सर्वसम्मति से हुए सभी फैसले: सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश को ठहराया सही
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पर रुख:
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सर्वसम्मत आदेश: आयोग ने स्पष्ट किया कि 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। इसकी शुरुआत बिहार से होकर पश्चिम बंगाल और बाद में 30 अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंची।
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सुप्रीम कोर्ट की मुहर: सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने आदेश में इस पूरी प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को पूर्णतः सही ठहराया था।
📋 चुनाव आयोग द्वारा लिए गए 13 ऐतिहासिक फैसले
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BLO जाएंगे घर-घर: SIR प्रक्रिया के दौरान ‘अनमैप्ड’ स्टेटस या तार्किक त्रुटियों के चलते नोटिस पाने वाले मतदाताओं को ERO/AERO दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। BLO स्वयं उनके घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर ECINet पर अपलोड करेंगे। विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन सुनवाई होगी, जिसमें परिवार का कोई बालिग सदस्य भी शामिल हो सकता है।
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वंचित वर्गों के लिए विशेष कैंप: जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे रैन बसेरों (नाइट शेल्टर्स), दैनिक मजदूरों, बेघर लोगों और गरीबों के लिए विशेष हेल्प डेस्क व रजिस्ट्रेशन कैंप लगाएं।
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फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार SIR अवधि में फॉर्म 6 के साथ घोषणा पत्र आवश्यक रहेगा, जबकि गैर-एसआईआर अवधि में ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स 1960’ के पारंपरिक नियमों का पालन होगा।
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ECINet पोर्टल की स्वतंत्र समीक्षा: सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) की अध्यक्षता में IIT और IIIT के स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति ECINet पोर्टल की सुरक्षा व नियमों की समीक्षा करेगी। फील्ड अफसरों की आवश्यकतानुसार पोर्टल में अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
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IT प्रोजेक्ट्स की मंजूरी: अब से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़ा कोई भी नया प्रोजेक्ट ‘कमेटी ऑफ ऑफिसर्स’ (COO) में विस्तृत विमर्श और आयोग की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।
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मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक: आयोग की प्रत्येक आधिकारिक बैठक का एजेंडा पहले ही प्रसारित किया जाएगा और बैठक के मिनट्स सार्वजनिक मंचों पर जारी किए जाएंगे।
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APAR की समय-सीमा: आयोग के सभी अधिकारियों की वार्षिक परफॉर्मेंस रिपोर्ट (APAR) हर साल 31 दिसंबर तक पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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विदेश दौरों पर आयोग की अनुमति: चुनाव आयोग से जुड़े किसी भी अधिकारी की विदेश यात्रा के लिए आयोग की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
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दिल्ली के लिए तिथियों में विस्तार: दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 और उनके निस्तारण की तिथि 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई।
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महाराष्ट्र के लिए नई डेडलाइन: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आग्रह पर दावे व आपत्तियों की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 और उनके निपटारे की तारीख 10 नवंबर 2026 तय की गई है।
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छूटे वोटरों के लिए स्पेशल ड्राइव: बिहार व पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों में SIR पूर्ण हो चुका है। छूटे हुए नागरिकों और नए युवा वोटरों को जोड़ने के लिए CEOs और EROs को तुरंत विशेष पंजीकरण अभियान (Special Drive) शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कैबिनेट सचिव पत्र पर स्पष्टीकरण: कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र को ECI नीति से अलग बताते हुए आयोग ने दोहराया कि SIR का शेड्यूल सर्वसम्मति से तय हुआ था, जिसे न्यायपालिका ने भी सही माना है।
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फेज-3 के 12 राज्यों में अंतिम आंकड़े जल्द: तीसरे चरण के 12 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही अंतिम संख्या सामने आएगी। गोवा में BLOs घर-घर संपर्क कर रहे हैं, जहां चिन्हित 97 छूटे वोटरों में से 81 ने पहले ही फॉर्म 6 भर दिया है।


