Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बालों के झड़ने के पीछे कहीं प्रोटीन की कमी तो नहीं? जानें शरीर में दिखने वाले 5 संकेत और घरेलू उपाय
    • मुजफ्फरनगर: दृष्टिहीन सत्येंद्र की अटूट शिवभक्ति! बिना किसी साथी के लाठी के सहारे 3 दिन में तय किया हरिद्वार का सफर
    • बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्तंभ
    • डांगावास हत्याकांड: 11 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, CBI सबूत साबित करने में नाकाम, सभी 40 आरोपी बरी
    • अजमेर नगर निगम की अनूठी पर्यावरण पहल, दरगाह और पुष्कर ब्रह्मा मंदिर के फूलों से बनेगी जैविक खाद
    • नागपुर में डॉक्टर के बेटे की दरिंदगी: 16 वर्षीय छात्रा को 24 घंटे बंधक बना चाबुक और चाकू से दी खौफनाक यातनाएं
    • बांके बिहारी आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति! ₹6,922 करोड़ की मथुरा हेरिटेज सिटी परियोजना को मिली मंजूरी
    • दरगाह आला हजरत उर्स-ए-रजवी में मिसाल: सावन के सम्मान में नहीं बनेगी नॉनवेज बिरयानी, परोसा जाएगा शाकाहारी लंगर
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Thursday, August 6
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » कांवड़ यात्रा पर दारुल उलूम देवबंद की एडवाइजरी: छात्रों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, कांवड़ रूट से दूरी बनाने के निर्देश

    कांवड़ यात्रा पर दारुल उलूम देवबंद की एडवाइजरी: छात्रों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, कांवड़ रूट से दूरी बनाने के निर्देश

    August 6, 2026 उत्तर प्रदेश 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद द्वारा अपने अध्ययनरत छात्रों के लिए एक विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है।

    यह एडवाइजरी पवित्र सावन मास में चल रही कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत जारी की गई है। संस्थान प्रबंधन ने छात्रों को निर्देश दिए हैं कि वे कांवड़ मार्ग (Kanwar Route), जीटी रोड तथा अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर बेवजह आवाजाही न करें। सभी विद्यार्थियों से कहा गया है कि वे केवल अत्यंत अनिवार्य कार्य होने पर ही परिसर से बाहर निकलें।

    🪪 आरक्षित रेलवे कोच में ही करें यात्रा, शाम ढलने के उपरांत बिना आईडी कार्ड नहीं मिलेगा कैंपस में प्रवेश

    संस्थान की ओर से कहा गया है कि यदि किसी छात्र को अत्यंत आवश्यक कार्यवश यात्रा करनी पड़े, तो वे केवल आरक्षित (Reserved) रेलवे कोच में ही सफर करें।

    इसके साथ ही, प्रत्येक छात्र को हर समय दारुल उलूम देवबंद द्वारा निर्गत मूल पहचान पत्र (Identity Card) अनिवार्य रूप से अपने पास रखना होगा। सूर्यास्त के पश्चात् बिना वैध पहचान पत्र दिखाए किसी भी छात्र को हॉस्टल या कैंपस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बुधवार संध्या जारी लिखित आदेश में हॉस्टल प्रभारी मौलाना अशरफ अब्बास ने स्पष्ट किया कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के ध्येय से उठाया गया है।

    💬 “छात्रों की सुरक्षा और सुव्यवस्थित आवाजाही ही प्राथमिक उद्देश्य”: दारुल उलूम प्रशासन

    “संस्थान की ओर से जारी पहचान पत्र दिखाए बिना किसी भी छात्र को सूर्यास्त के उपरांत परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा की अवधि में छात्रों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में सुव्यवस्थित आवाजाही में प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना है।”

    💻 गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के चलते 12 अगस्त तक स्कूल बंद, निजी संस्थानों ने शुरू की ऑनलाइन क्लासेस

    दूसरी ओर, गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा के कारण 4 से 12 अगस्त तक समस्त शैक्षणिक संस्थानों को भौतिक रूप से बंद रखने के दिए गए आदेशों के अनुपालन में शहर के अनेक निजी विद्यालयों ने ऑनलाइन कक्षाएं (Online Classes) संचालित करना प्रारंभ कर दिया है।

    प्रशासन का यह आदेश प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), तकनीकी, उच्च शिक्षा, मदरसों तथा संस्कृत बोर्ड से संबद्ध सभी संस्थानों पर समान रूप से प्रभावी है।

    🚌 ट्रैफिक डायवर्जन के चलते नहीं चल पा रही थीं बसें, शैक्षणिक नुकसान की भरपाई हेतु उठाया कदम

    अनेक विद्यालय प्राचार्यों (Principals) ने बताया कि उन्होंने सोमवार से ही ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया है, क्योंकि संपूर्ण जिले में मुख्य सड़कों पर लागू ट्रैफिक डायवर्जन और मार्ग बंद होने के कारण स्कूली बसों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा था।

    अध्यापकों का कहना है कि नौ दिनों की इस अचानक बंदी से पूर्व से व्यस्त शैक्षणिक कैलेंडर और छोटा हो जाएगा। पूर्व में गर्मी व सर्दी की छुट्टियों और वायु प्रदूषण के कारण हुई बंदियों से जरूरी 220 कार्यदिवस पूरे करने में बाधा आ रही थी, जिसकी भरपाई हेतु ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया गया है।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    मुजफ्फरनगर: दृष्टिहीन सत्येंद्र की अटूट शिवभक्ति! बिना किसी साथी के लाठी के सहारे 3 दिन में तय किया हरिद्वार का सफर

    बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्तंभ

    बांके बिहारी आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति! ₹6,922 करोड़ की मथुरा हेरिटेज सिटी परियोजना को मिली मंजूरी

    दरगाह आला हजरत उर्स-ए-रजवी में मिसाल: सावन के सम्मान में नहीं बनेगी नॉनवेज बिरयानी, परोसा जाएगा शाकाहारी लंगर

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अखिलेश का बड़ा हमला! 63 किमी के सफर और पंखे से सुखाने वाली मरम्मत पर कसा तंज

    शामली में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी फुरकान ढेर! कैराना पलायन का था मास्टरमाइंड

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.