रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए त्योहारी सीजन के दौरान महंगाई भत्ते (DA) को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की तरफ से प्रदेश सरकार के समक्ष यह पुरजोर मांग रखी गई है कि दीपावली के पावन पर्व से पहले कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान लंबित पड़ा 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर की पूरी राशि के साथ जल्द से जल्द प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का मानना है कि इस कदम से राज्य के लाखों परिवारों का त्योहारी उत्साह और अधिक दोगुना हो जाएगा।
कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर की मांग, घोषणापत्र के वादे को याद दिलाया
इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक तथा छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा ने राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त विभाग के मंत्री ओपी चौधरी को औपचारिक रूप से एक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने शासन से आग्रह किया है कि इस पर तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। फेडरेशन ने अपने पत्र में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों को केंद्र सरकार के पैटर्न पर महंगाई भत्ता एरियर समेत देने का स्पष्ट वादा किया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाने का वक्त आ गया है।
वर्तमान में मिल रहा है 58 प्रतिशत डीए, केंद्र के मुकाबले 5 प्रतिशत पीछे चल रहा है छत्तीसगढ़
फेडरेशन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्तमान स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को अभी 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित डीए की दर से पूरे 5 प्रतिशत कम है। इसी अंतर को पाटने और केंद्र के बराबर कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने के लिए यह नया दबाव बनाया जा रहा है ताकि राज्य कर्मियों को किसी भी प्रकार की आर्थिक असमानता का सामना न करना पड़े।
प्रांतीय बैठक में बनी थी रणनीति, शासन की ओर से सकारात्मक फैसला न आने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
गौरतलब है कि बीते 6 सितंबर को आयोजित छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक में महंगाई भत्ते के इस अहम मुद्दे पर काफी विस्तार से चर्चा की गई थी। उस बैठक में सभी पदाधिकारियों की सहमति से यह निर्णय लिया गया था कि दीपावली के त्योहार से पहले हर हाल में महंगाई भत्ता जारी करवाने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा। इसके साथ ही फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि राज्य शासन द्वारा इस मामले में जल्द से जल्द कोई सकारात्मक और अनुकूल निर्णय नहीं लिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में फेडरेशन के पास सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उग्र आंदोलन करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा।




