छतरपुर : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत गुरुवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचे. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत यहां विशेष विमान से पैरा लीगल वॉलंटियर्स और पैनल अधिवक्ताओं के कार्यक्रम में पहुंचे. छतरपुर में ‘विधिक सहायता व मध्यस्थता का भविष्य’ पर अधिवक्ताओं का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें (courts should work like hospitals) चीफ जस्टिस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस कार्यक्रम का आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा किया गया.

इसे भी पढ़ें – भोपाल गैस पीड़ितों को मिलेगा अतिरिक्त मुआवजा? हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

चीफ जस्टिस सूर्यकांत के साथ न्यायाधिपति जे.के. माहेश्वरी व सतीश चंद्र शर्मा भी खजुराहो पहुंचे. खजुराहो एयरपोर्ट पर उच्च न्यायालय जबलपुर खण्डपीठ ग्वालियर के न्यायाधिपति आनंद पाठक व विवेक रूसिया, रजिस्ट्रार जनरल धरमिंदर सिंह, प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश रविंदर सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति निवेश जायसवाल ने सीजीआई का स्वागत व अगवानी की. इस दौरान खजुराहो एयरपोर्ट पर सीजेआई को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

इसे भी पढ़ें – मध्य प्रदेश में किसानों की हालत बहुत खराब, कमलनाथ का मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना

courts should work like hospitals – सेमिनार के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ” विधिक सहायता प्रदान करने वाली संस्था व विधिक सहायता प्राप्त करने वाले नागरिकों के मध्य पी.एल.वी. सेतु का कार्य करते हैं. पैरा लीगल वॉलंटियर्स की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह गरीब और जरूरतमंदों की सहायता करें. वर्तमान समय में न्यायालयों को अस्पताल की भांति हर समय कार्य कर जरूरतमंदों को विधिक सहायता प्रदान करनी चाहिए. पैरा लीगल वॉलंटियर्स को विधिक सहायता के जरूरतमंद नागरिकों की स्थानीय भाषा का भी ज्ञान अवश्य होना चाहिए, जिससे वह उनकी पीड़ा सही रूप से समझ सकें.”

 

Share.
Exit mobile version