ग्वालियर। चैत्र नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही शहर में भक्ति और उपासना का वातावरण बन गया है। अधिकांश घरों में नौ दिनों के उपवास रखे जा रहे हैं, जिसका सीधा असर शहर के फल बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। व्रत के दौरान फलाहार की मांग बढ़ने से पिछले दो-तीन दिनों में फलों की कीमतों में पांच से 10 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।

बाजारों में उमड़ी भीड़

महाराज बाड़ा, हजीरा, मुरार और थाटीपुर जैसे प्रमुख बाजारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ फलों की खरीदारी के लिए जुट रही है। बढ़ती मांग के चलते दुकानों पर लगातार ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है।

थोक मंडी से ही महंगे आ रहे फल

खुदरा फल विक्रेता रामकुमार के अनुसार, नवरात्र शुरू होते ही थोक मंडियों में मांग आपूर्ति से अधिक हो गई है। फल व्यापारियों का कहना है कि उन्हें ऊंचे दामों पर माल मिल रहा है, जिसके चलते खुदरा बाजार में भी कीमतें बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है।

इन फलों की सबसे ज्यादा मांग

बाजार में इस समय केला, सेब और अंगूर की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है। सामान्य दिनों में 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिकने वाला केला अब 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं अंगूर और सेब के दामों में भी 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है।

फल का नाम सामान्य भाव (₹/किलो) नवरात्र भाव (₹/किलो)
केला 30-40 50-55
सेब 130-140 150-160
अंगूर 170-180 190-200
तरबूज 25-30 40-45
पपीता 40-45 50-55
अनार 175-180 190-200
आम 230-240 250-255
चीकू 60-65 80-85
संतरा 70-80 90-100
खरबूजा 80-85 90-100

तरबूज की बढ़ी लोकप्रियता

इस बार नवरात्र के दौरान बढ़ती गर्मी के कारण तरबूज की बाजार में अच्छी आवक हो रही है। उपवास रखने वाले लोग खुद को हाइड्रेट रखने के लिए तरबूज को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह फल अन्य फलों की तुलना में सस्ता होने के कारण भी लोगों की पसंद बना हुआ है। शहर के चौराहों पर शाम के समय तरबूज की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है।

पपीता और खरबूजे की भी मांग

तरबूज के साथ-साथ पपीता और खरबूजा भी व्रतधारियों की पसंद बने हुए हैं। पाचन में हल्का होने के कारण पपीते की मांग में खासा इजाफा हुआ है। व्यापारियों का अनुमान है कि रामनवमी तक फलों की मांग इसी तरह बनी रहेगी और कीमतों में फिलहाल कमी की संभावना कम है।

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