भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट अनुसूचित जाति-जनजाति के मतांतरण को लेकर कुछ साल पूर्व फैसला सुना चुका है। नरसिंहपुर जिले के एक युवक सुशांत पुरोहित के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण पर रोक लगाते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने अपने इस अहम आदेश में कहा था कि मतांतरण कर हिंदू से मुस्लिम बनने के बाद आदिवासी होने का नहीं लाभ दिया जा सकता।

किम्मल बाई उर्फ मुमताज बी ने एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कराया था। इसके विरुद्ध याचिकाकर्ता सुशांत पुरोहित की ओर से हाई कोर्ट में कहा गया था कि मतांतरण करके हुसैन कादरी से विवाह किया था और नाम परिवर्तित करके मुमताज बी कर लिया। इस आधार पर वह अपने आदिवासी होने का अधिकार खो चुकी है।

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