भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस ने सिंगरौली जिले के जंगलों में पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया. सरकार की तरफ से वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने इस मामले में जवाब दिया, लेकिन सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉक आउट कर दिया. सरकार के (congress’s ruckus in assembly) जवाब में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंहने कहा “सिंगरौली में पेड़ काटकर सागर और शिवपुरी में लगाना कैसा न्याय है.”
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारने कहा “जब साल 2023 तक सिंगरौली ब्लॉक पेसा एक्ट के दायरे में आ रहा था तो बाद में इसे 5वीं अनुसूची से क्यों हटा दिया. यह जमीन कोल ब्लॉक को दिए जाने के लिए ऐसा किया गया.”
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विधानसभा में ध्यानाकर्षण में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और विक्रांत भूरिया ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया “सरकार 3 कोल खदानें अडानी समूह को देने के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई करा रही है. इसके लिए वन अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा. सिंगरौली प्रदेश के सबसे ज्यादा वायु प्रदूषित क्षेत्रों में है. इसके बाद भी यहां अंधाधुंध पेड़ काट दिए गए. जितनी जमीन आदिवासियों से ली जा रही है, उतनी उपलब्ध नहीं कराई जा रही.”
congress’s ruckus in assembly – जवाब में वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा “जो भी पेड़ काटे जा रहे हैं, वह नियम के अनुसार ही हैं. पेड़ काटने के बाद उससे ज्यादा संख्या में पौधे लगाए भी जा रहे हैं.”

