भोपाल: भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता को भ्रमित करने के लिए आधारहीन षडयंत्र रच रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि सीएम और उनके परिवार की संपत्ति में मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई अनैतिक परिवर्तन नहीं हुआ है।
📊 जमीन और संपत्ति का पूरा सच
बीजेपी अध्यक्ष ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी:
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सीएम की संपत्ति: 2023 में नामांकन के समय उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। पत्नी सीमा यादव की 12.29 एकड़ जमीन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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सिद्धि विनायक कंपनी: इस कंपनी के डायरेक्टर पद से डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस्तीफा दे दिया था। कंपनी की जमीन 68 एकड़ से घटकर 65 एकड़ रह गई है।
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परिवार की अन्य संपत्ति: पुत्र वैभव यादव की 16 एकड़ जमीन में कोई बदलाव नहीं आया है, और बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर की है।
⚠️ रिश्तेदारों पर आरोपों को बताया गलत
हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उनका मुख्यमंत्री और उनके परिवार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है और उन पर लगाए गए तथ्य भी गलत हैं। संबंधित रिश्तेदार इन आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकते हैं।
📢 कांग्रेस पर ‘पिछड़ा वर्ग विरोधी’ होने का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या मोहन यादव जैसा ‘पिछड़ा वर्ग’ का मुख्यमंत्री मिला है, कांग्रेस ने हमेशा षडयंत्र रचकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेसी विकास कार्यों में सीएम का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए इस तरह के घिनौने हथकंडे अपना रहे हैं, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।”


