जामताड़ा: जामताड़ा में साइबर अपराधियों ने अब शिक्षा के मंदिर को भी नहीं बख्शा है। जिले के करमाटांड़ थाना अंतर्गत ‘ताराबहाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय’ में अपराधी बच्चों के बैठने की जगह का इस्तेमाल साइबर ठगी करने के लिए कर रहे थे। पुलिस ने सूचना मिलने पर स्कूल के बरामदे में दबिश देकर तीन अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पैराटल गांव से भी दो अन्य अपराधियों को पकड़ा गया है।

📱 ठगी का नया तरीका: कैशबैक का झांसा

साइबर डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि ये अपराधी बेहद शातिर तरीके से लोगों को लूट रहे थे। वे ग्राहकों को फोन-पे (PhonePe) पर 1999 रुपये के कैशबैक का मैसेज भेजते थे। जैसे ही ग्राहक लालच में आकर लिंक पर क्लिक या ‘एक्सेप्ट’ करता था, उसका पूरा बैंक डेटा अपराधियों के पास पहुँच जाता था। इन अपराधियों द्वारा चुराए गए पैसों से वे गिफ्ट कार्ड खरीदते थे और फिर उन्हें कमीशन पर बेचकर मुनाफा कमाते थे।

🔍 भारी मात्रा में साक्ष्य बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान अपराधियों के पास से 6 मोबाइल और 4 फर्जी सिम बरामद किए हैं। अपराधियों के इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी राशि की ठगी की है, इस पर पुलिस बारीकी से अनुसंधान कर रही है। पकड़े गए तीनों साइबर अपराधियों को साइबर थाना में मामला दर्ज करने के बाद न्यायिक हिरासत में जामताड़ा जेल भेज दिया गया है।

👮 पुलिस का कड़ा रुख

जामताड़ा पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही है। पहले जो अपराधी जंगल या झाड़ियों में छिपकर ठगी करते थे, अब वे सार्वजनिक स्थानों और स्कूलों को अपना ठिकाना बनाने लगे हैं। पुलिस ने लोगों को सावधान रहने की अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या कैशबैक मैसेज पर विश्वास न करें और अपनी बैंकिंग डिटेल्स साझा न करें।

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