छतरपुर: बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के दो युवाओं ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के किशनगढ़ और पठा गांव के इन युवाओं का खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है और लोग उनकी सफलता को प्रेरणा मान रहे हैं।
👩🎓 अंशुल जैन: मेहनत और आत्मविश्वास से पाई कामयाबी
किशनगढ़ की रहने वाली अंशुल जैन ने साबित कर दिया कि सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। अंशुल ने बिना किसी बड़ी कोचिंग के खुद पर भरोसा रखा और रोजाना 8 घंटे पढ़ाई की। उनकी सफलता पर पिता अनिल जैन ने गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बेटी ने ग्रामीण अंचल की प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गांव में डीजे और फूलों की मालाओं के साथ अंशुल का भव्य स्वागत किया गया।
👨🌾 किसान का बेटा बना अधिकारी, संघर्षों को दी मात
लवकुश नगर के पठा गांव के किसान भरत सिंह राजपूत के बेटे धरवेंद्र सिंह राजपूत ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी की सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया है। धरवेंद्र की सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने खेती में हाथ बंटाने के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी निभाईं। इससे पहले 2022 में वे कृषि विस्तार अधिकारी चुने गए थे, लेकिन वे बड़े लक्ष्य के लिए प्रयासरत रहे। छोटे भाई की पढ़ाई और बहन की शादी की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
📅 परीक्षा और परिणाम का सफर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी 2025 की परीक्षा प्रक्रिया के मुख्य चरण इस प्रकार रहे:
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प्रारंभिक परीक्षा: 14 दिसंबर 2025
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लिखित परीक्षा: 21 जनवरी 2026
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इंटरव्यू: 15 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026
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अंतिम परिणाम: 22 जून 2026


