झारखंड की जेलों में बंद आजीवन कारावस की सजा काट रहे कैदीयों को लेकर सीएम हेमंत सोरेन की सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 30वीं बैठक में यह फैसला लिया गया है. जेलों से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 56 कैदी रिहा होंगे.
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बुजुर्ग कैदियों के लिए भी उठाया अहम कदस
वहीं, रिहा किए जाने वाले बुजुर्ग कैदियों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बढ़ा कदम उठाया है. ऐसे बुजुर्ग जिन्हें उनका परिवार अपनाने से मना कर देता है. ऐसे कैदियों को सरकार के यूनिवर्सल पेंशन स्कीम से जोड़ा जाए ताकि उन्हें इस तरह के हालात में उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़े.
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29 वीं बैठक तक 1831 कैदी हो चुके हैं रिहा
वहीं, झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 29 वीं बैठक तक 1831 कैदियों की रिहाई हो चुकी है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 से लेकर अब तक 457 कैदियों के घर का जिला प्रोबेशन पदाधिकारियों ने सर्वे भी किया है.

