रांची : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ मुठभेड़ हो या उनकी गिरफ्तारी, इन तमाम अभियानों में सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन का हमेशा सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भाकपा माओवादियों के अंतिम पोलित ब्यूरो सदस्य और 2 करोड़ 20 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी में भी कोबरा जवानों की सबसे अहम भूमिका रही। कोबरा बटालियन की इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद गुरुवार को खुद (CRPF DG Reached Ranchi ) सीआरपीएफ के महानिदेशक (DG) जीपी सिंह रांची पहुंचे और जांबाज जवानों को सम्मानित किया।
CRPF DG Reached Ranchi – झारखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डीजी जीपी सिंह ने गुरुवार को रांची स्थित ग्रुप सेंटर में 209 कोबरा बटालियन के उन बहादुर जवानों से व्यक्तिगत मुलाकात की। इन जवानों ने झारखंड पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए संयुक्त अभियान के तहत भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा को धर दबोचा था। डीजी ने इस साहसिक अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों को सम्मानित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मिसिर बेसरा जैसे कुख्यात और शीर्ष माओवादी नेता की गिरफ्तारी को देश के नक्सल विरोधी अभियान की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे भी हुए शामिल
सीआरपीएफ डीजी द्वारा आयोजित इस विशेष सम्मान समारोह में झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे सहित राज्य पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिसिर बेसरा लंबे समय से देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर शामिल था। उसकी गिरफ्तारी से झारखंड समेत पूरे पूर्वी भारत में माओवादियों और नक्सलियों के नेटवर्क की रीढ़ टूट गई है और यह नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।


