Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Haryana Petrol Pump Association: प्रति लीटर कमाई से ज्यादा चार्ज, जानिए क्यों यूपीआई पेमेंट का विरोध कर रहे हैं पेट्रोल पंप मालिक
    • Pehowa Sadar Police Action: कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे के बाद फरार बस चालक की तलाश जारी, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
    • Haryana Police Crime News: कैथल में पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज, 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का झांसा देकर की ठगी
    • Chandigarh News: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के कार्यों से गदगद हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा- संकट के समय पत्रकारों के साथ खड़ी है संस्था
    • Amritsar ASI Murder Case: शहीद ASI हरजीत सिंह के परिवार को ₹2 करोड़ का मुआवजा; CM भगवंत मान का बड़ा ऐलान
    • Ludhiana Horror: घर में घुसकर किशोरी को किडनैप कर शिमला ले गया आरोपी, 1 महीने तक होटल में बंधक बनाकर किया रेप
    • Punjab DA Hike News: कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत; DA 42% से बढ़कर हुआ 50%, अगले वेतन के साथ मिलेगा लाभ
    • Gurdaspur Road Accident: दीनानगर में दर्दनाक सड़क हादसा; रेत से भरे टिप्पर ने बाइक सवार को रौंदा, डाकघर कर्मचारी की मौत
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Friday, September 18
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » Chhattisgarh News: मानव-हाथी द्वंद्व पर हाईकोर्ट में सुनवाई; फसल नुकसान का वास्तविक मुआवजा और मौत पर 10 लाख की मांग

    Chhattisgarh News: मानव-हाथी द्वंद्व पर हाईकोर्ट में सुनवाई; फसल नुकसान का वास्तविक मुआवजा और मौत पर 10 लाख की मांग

    September 18, 2026 छत्तीसगढ़ 5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी द्वंद्व (Human-Elephant Conflict) के कारण लगातार प्रभावित हो रहे किसानों और ग्रामीणों के मुआवजे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।

    वन्यजीव प्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सिंघवी बिलासपुर हाईकोर्ट के समक्ष फसल नुकसान और हाथी के हमले में होने वाली जनहानि को लेकर दो बेहद महत्वपूर्ण सुझाव रखने जा रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि हाथियों द्वारा फसल बर्बादी पर किसानों को केवल अनुमानित नहीं, बल्कि वास्तविक आर्थिक क्षति के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए। इसके साथ ही हाथी के हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों को दी जाने वाली राहत राशि ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख की जानी चाहिए।

    ⚖️ वर्ष 2024 में हाईकोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान: राज्य सरकार ने पेश किया है हलफनामा

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाथियों के प्रकोप और उनसे होने वाले नुकसान को लेकर वर्ष 2024 में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया था, जिस पर एक जनहित याचिका (PIL) संचालित है।

    मामले में राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर मानव-हाथी द्वंद्व रोकने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई है। सरकार के हलफनामे में जन-जागरूकता अभियानों, ‘हाथी मित्र दल’ के गठन और हाई-टेंशन बिजली तारों (करंट) से हाथियों की मौत रोकने जैसे कई सुरक्षात्मक उपायों का उल्लेख किया गया है। इस मामले में हस्तक्षेप याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी ने बताया कि अदालत ने शासन के हलफनामे का गहराई से अध्ययन कर अपने सुझाव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

    🗓️ 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होगी अगली सुनवाई: किसानों की वास्तविक आर्थिक क्षति पर रहेगा फोकस

    नितिन सिंघवी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर अगली सुनवाई आगामी 6 अक्टूबर को होगी।

    सुनवाई के दौरान शासन के हलफनामे पर अपनी बात रखते हुए प्रभावित ग्रामीणों के हित में ठोस सुझाव दिए जाएंगे। सिंघवी का मुख्य जोर फसल नुकसान झेलने वाले किसानों की आर्थिक भरपाई पर है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल फसल की बाजार में अनुमानित कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि खेती में आई लागत, मेहनत और किसान के संभावित लाभ को ध्यान में रखकर न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।

    🌾 ‘लागत से लेकर किसान के लाभ का हो पारदर्शी आकलन’: ₹62 हजार की फसल बर्बादी पर मिल रहे महज ₹9 हजार

    नितिन सिंघवी ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशानिर्देशों के अनुरूप फसल नुकसान का व्यापक और व्यावहारिक आकलन किया जाना चाहिए।

    उन्होंने एक व्यावहारिक उदाहरण देते हुए बताया कि एक किसान को अपने खेत में लगभग 20 क्विंटल धान के उत्पादन और सरकारी बिक्री से तकरीबन ₹62,000 की आय हो सकती है। लेकिन जब हाथियों का दल उसकी पूरी फसल नष्ट कर देता है, तो सरकारी नियमों के तहत उसे महज ₹9,000 का मुआवजा दिया जाता है। सिंघवी का सुझाव है कि इस व्यवस्था में बदलाव कर किसान को उसकी वास्तविक आर्थिक हानि के बराबर मुआवजा दिया जाना चाहिए।

    💔 हाथी के हमले में जनहानि पर ₹10 लाख मुआवजे की मांग: शासन को भी लिखा जा चुका है पत्र

    दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा हाथियों के कारण होने वाली जनहानि (मौत) का है। सिंघवी ने कहा कि कई बार किसान रात में या तड़के अपनी खड़ी फसल को हाथियों से बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर खेतों में जाते हैं और इस दौरान हादसों के शिकार हो जाते हैं।

    वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा हाथी के हमले या उससे जुड़ी घटना में मौत होने पर ₹6 लाख का मुआवजा दिया जाता है। सिंघवी ने मांग की है कि इस राशि को बढ़ाकर कम से कम ₹10 लाख किया जाए। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने राज्य शासन को पहले ही लिखित पत्र भेजा है।

    📡 ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ एक सराहनीय कदम: पर ग्रामीणों को भी बरतनी होगी सतर्कता

    मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग और शासन द्वारा शुरू किए गए ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ (Early Warning System) को सिंघवी ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया।

    उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिए हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कई बार चेतावनी जारी होने के बावजूद ग्रामीण जोखिम उठाकर हाथी प्रभावित इलाकों में चले जाते हैं। कुछ लोग हाथियों के काफी करीब जाकर फोटो व वीडियो (सेल्फी) लेने की घातक कोशिश करते हैं। सिंघवी ने हाल ही में सेल्फी लेने के चक्कर में एक व्यक्ति की हुई दर्दनाक मौत का जिक्र करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

    📢 सरकारी प्रयासों के साथ जन-जागरूकता बेहद जरूरी: हाईकोर्ट में रखा जाएगा मजबूत पक्ष

    सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सिंघवी का मानना है कि मानव-हाथी संघर्ष को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए केवल सरकारी तंत्र या वन विभाग की व्यवस्थाएं ही काफी नहीं हैं।

    अर्ली वार्निंग अलर्ट मिलने के बाद ग्रामीणों का जागरूक होना और चेतावनी का कड़ाई से पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। आगामी 6 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में वे मुआवजे के नए पैमाने और बचाव के व्यावहारिक उपायों को हाईकोर्ट के समक्ष रखेंगे, ताकि प्रभावित किसान परिवारों को वास्तविक न्याय मिल सके।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    Korba Crime & News: नुनेरा के अलगू तालाब में डूबीं 3 मासूम बच्चियां; पुलिस ने शवों का पंचनामा कर जांच शुरू की

    Sukma Youth Murder: लेंदा गांव में मलगानगिरी के युवक की हत्या से हड़कंप; युवती और परिजनों समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

    Raipur Ashirwad Ka Diya: तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर सीएम विष्णुदेव साय ने जलाए दीये; रायपुर वासियों ने रचा इतिहास

    CG Infrastructure News: छत्तीसगढ़ में हर साल बनेगा वार्षिक एक्शन प्लान; लोक निर्माण विभाग बना नोडल एजेंसी

    छत्तीसगढ़ परिवहन उपनिरीक्षक भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव; 50% पद CGPSC से भरे जाएंगे

    Chhattisgarh Shramik Yojana: ई-बाइक और ई-रिक्शा पर मिलेगी बड़ी सब्सिडी; सीएम विष्णुदेव साय ने की 3 बड़ी घोषणाएं

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.