रायपुर : राज्य सरकार ने प्रदेश में विवाह का पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। विधि-विधायी कार्य विभाग की ओर से इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि जिन दंपती का (Chhattisgarh Marriage Registration) विवाह 29 जनवरी 2016 के बाद हुआ है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के अंदर अनिवार्य रूप से विवाह पंजीयन कराना होगा।
राज्य सरकार का इसके पीछे का उद्देश्य फर्जी और दिखावटी शादियों पर रोक लगाने की है। इससे बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर नियंत्रण होगा और महिलाओं के कानूनी अधिकार मजबूत होंगे। विवाह का पंजीयन नगर निगम, नगर पालिका, जनपद पंचायत या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कराया जा सकता है। नगर निगम क्षेत्राें में रहने वाले निगम कार्यालय में करा सकते हैं।
इसे भी पढ़ें – बैंक में गिरवी जमीन को बेचकर 11 करोड़ की ठगी, नामी कंपनी के डायरेक्टर समेत 3 गिरफ्तार; 9 अब भी फरार
Chhattisgarh Marriage Registration – मैरिज सर्टिफिकेट के लिए मूल रूप से भारतीय नागरिक होना जरूरी है। दंपती की उम्र भारतीय कानून के मुताबिक होनी चाहिए। विवाह के एक महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष-2006 में विवाह को कानूनी रूप से मान्य करने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया था। दस्तोवज सही होने पर सात दिनों के भीतर नगर निगमों से सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।


