इन दिनों सोने के भाव आसमान छू रहे हैं. भारतीय परिवारों में यह परंपरा रही है कि शादी-ब्याह में सोने की खरीदारी जमकर होती है, लेकिन इस साल की कहानी थोड़ी अलग है. सोने की कीमतें लगातार नए (cheap alternative) रिकॉर्ड बना रही हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है. हालांकि, भारतीय खरीदार भी कम नहीं हैं, उन्होंने महंगाई से निपटने का एक नया और स्मार्ट तरीका ढूंढ लिया है.

सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही सोने के दाम ऑल टाइम हाई पर हों, लेकिन सर्राफा बाजारों में सन्नाटा नहीं है. खरीदारी जारी है, बस तरीका बदल गया है. अब लोग 22 कैरेट शुद्ध सोने की जगह 14 और 18 कैरेट की ज्वैलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं. यह बदलाव ज्वैलरी मार्केट में एक नए ट्रेंड की शुरुआत कर रहा है.

दशकों से यह माना जाता था कि 14 या 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल सिर्फ डायमंड ज्वैलरी बनाने के लिए होता है, क्योंकि इसमें मजबूती की जरूरत होती है. लेकिन अब बढ़ती कीमतों ने लोगों को प्लेन गोल्ड ज्वैलरी में भी इन विकल्पों को चुनने पर मजबूर कर दिया है. बाजार में अब एक नया सेगमेंट उभर कर आया है, जहां कम कैरेट की ज्वैलरी शान से बेची और खरीदी जा रही है.

cheap alternative – बाजार के जानकारों का कहना है कि दो साल पहले तक शादियों में 22 कैरेट ज्वैलरी बनवाने की हिस्सेदारी कुल खरीदारी में 75% थी. लेकिन अब यह घटकर मात्र 50% रह गई है. गोल्ड एक्सपर्ट मनोज सोनी बताते हैं कि सोने के बिना भारतीय शादियां फीकी लगती हैं, इसलिए लोग खरीदना बंद नहीं कर सकते.

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