धार्मिक

बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. यह पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. बसंत पंचमी के दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है और प्रकृति नए जीवन से भर जाती है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा करके लोग ज्ञान, बुद्धि और सृजनशीलता प्राप्त करने की कामना करते हैं. बसंत पंचमी के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि इस दिन दान करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और लोगों […]

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से दुखी परमहंस पीठाधीश्वर शिवयोगी मौनी महाराज ने भू-समाधि ले ली है. शिवयोगी मौनी महाराज ने यह भू-समाधि 3 घंटे के लिए 10 फीट गहरे गड्ढे में ली. भू समाधि से पहले मौनी बाबा ने विधिवत पूजा अर्चना की. उन्होंने रुद्राक्ष की मालाओं के मुकुट को उतारकर अलग रख दिया. मौनी बाबा ने शुक्रवार की रात को भू-समाधि ली. वह अब तक 55 से ज्यादा बार भू समाधि ले चुके हैं. ये उनकी 57वीं भू-समाधि है. मौनी बाबा का कहना था कि प्रयागराज महाकुंभ की घटना से वह बेहद व्यथित […]

आज मौनी अमावस्या है. हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या बहुत ही विशेष मानी जाती है. मौनी अमावस्या का दिन अध्यात्मिक लिहाज से बहुत महत्व रखता है. मौनी अमावस्या के दिन पूजा-पाठ और धार्मिक काम किए जाते हैं. मौनी अमावस्या पर पावन नदियों में आस्था की डुबकी लगाई जाती है. इस दिन दान किया जाता है. इस दिन किए स्नान और दान से पुण्य फल मिलता है. पितरों का तर्पण और पिंडदान मौनी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है, जिससे उन्हें मोक्ष मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि अगर मौनी अमावस्या पर पितरों का तर्पण और […]

हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि बहुत पावन मानी गई है. साल में 12 अमावस्या आती है. हर अमावस्या का अपना एक अलग महत्व है. माघ महिने में जो अमावस्या पड़ती है उसे मौनी अमावस्या कहा जाता है. मौनी अमावस्या अध्यात्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन स्नान और दान से पुण्य प्राप्त होता है. मौनी अमावस्या पर पितरों का तर्पण और पिंडदान मौनी अमावस्या पर पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है. इस दिन तर्पण और पिंडदान से तीन पीढ़ी के पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा-पाठ और मौन व्रत […]

हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रदोष का व्रत भगवान महादेव को समर्पित है. प्रदोष का व्रत हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष का व्रत और महादेव के पूजन से व्यक्ति के जीवन की सारी तकलीफें और परेशानी दूर हो जाती है. करियर में सफलता प्राप्त होती है. व्यापार में लाभ ही लाभ मिलता है. प्रदोष व्रत के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा के समय कथा अवश्य पढ़नी चाहिए. प्रदोष व्रत दिन पूजा के समय जो भी कथा पढ़ता है उसकी सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं. धार्मिक […]

हिंदू धर्म शास्त्रों में मौनी अमावस्या बहुत ही विशेष मानी गई है. धर्म शास्त्रों में इस दिन स्नान और दान का विधान है. माघ महीने की अमावस्या मौनी अमावस्या होती है. मान्यता है कि इस दिन स्नान और दान से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या का दिन पितरों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन पितर धरती पर आते हैं. मौनी अमावस्या पर पतरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है. ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष मिलता है. मान्यता है कि मौनी अमावस्या […]

जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अगर किसी का अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज के साथ नहीं होता है तो उसकी आत्मा तृप्त नहीं होती है और उसे मुक्ति नहीं मिलती है. ऐसे मृत व्यक्ति की आत्मा आसपास ही भटकती रहती है. इसीलिए यह आवश्यक है कि अगर किसी की मृत्यु हो, तो उसके बाद उसका पूरे विधि विधान से अंतिम संस्कार भी किया जाए. इसके लिए दिन और तारीखों का भी बहुत महत्व होता है. हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद तेरहवीं करने की परंपरा […]

हिंदू धर्म में जब भी किसी शख्स की मृत्यु होती है तो उसके शव को जलाकर पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाता है. इसके बाद अस्थियों को पवित्र गंगा नदी में बहाया जाता है. अधिकतर लोग अस्थि विसर्जन के लिए हर की पौड़ी हरिद्वार ही आते हैं. फिर यहां गंगा नदी में अस्थि विसर्जन करते हैं. प्रयागराज में भी अस्थि विसर्जन किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर गंगा नदी में ही क्यों अस्थियां बहाई जाती हैं. इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. मान्यता है कि मां गंगा को श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त है. […]