व्यापार

इन दिनों अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने दुनियाभर के शेयर और कमोडिटी बाजारों की धड़कनें तेज कर दी हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है.

फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में बुधवार को रुपया 67 पैसे की गिरावट के साथ 92.16 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ.

अली खामेनेई की मौत के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ीं.

यही कारण है कि इस एक्शन के बाद आने वाले कारोबारी दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल सकता है.

आज यानी 1 मार्च से मौजूदा फाइनेंशियल ईयर का आखिरी महीना शुरू हो चुका है. ऐसे में फाइनें​स से जुड़े कुछ अहम बदलाव भी लागू हो गए हैं.

27 फरवरी यानी आज शेयर बाजार खुलने के साथ ही चुनिंदा कंपनियों के शेयर्स में एक्शन देखने को मिल सकता है, यानी कुछ शेयर्स में हलचल देखने को मिल सकती है.

भारत सरकार देश की आर्थिक तरक्की को मापने का पूरा तरीका बदलने जा रही है. आगामी 27 फरवरी को सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के नए आंकड़े जारी होंगे.

कैट के अनुसार, इस साल होली पर बाजारों में 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का शानदार कारोबार होने की उम्मीद है.

रूसी तेल की सप्लाई अब भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन जियो पॉलिटिकल और इंटरनेशनल बैन के चलते इसमें कमी आ रही है.