हिमाचल प्रदेश से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कैस्पियन कोबरा के डसने से दो लोगों की मौत हो गई है. वैज्ञानिक शोध में इन दोनों मामलों का आधिकारिक रूप से जिक्र किया गया है. रिसर्च के मुताबिक, भारत में कैस्पियन कोबरा के काटने से मौत होने का यह पहला रिपोर्टेड मामला है. ये दोनों दर्दनाक घटनाएं हिमाचल के चंबा जिले की हैं, जिसके बाद से विशेषज्ञों के बीच भी इसकी चर्चा तेज हो गई है.

🌾 2. चंबा जिले में हुई दो अलग-अलग घटनाएं, एक मामले में भरमौर तो दूसरे में चुराह घाटी के व्यक्ति ने गंवाई जान

रिसर्च के अनुसार, पहली घटना चंबा के भरमौर स्थित उल्लांसा गांव की है, जहाँ 6 जुलाई 2020 को 40 वर्षीय व्यक्ति को कैस्पियन कोबरा ने दो बार डस लिया था और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई थी. वहीं दूसरी घटना 7 जुलाई 2021 को चुराह घाटी के भंजगाड़ गांव की है, जहाँ खेत में काम करने जा रहे 62 वर्षीय व्यक्ति को सांप ने डस लिया और आधे घंटे के भीतर ही वह बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया.

🩺 3. IGMC के डॉ. संजय राठौर की सलाह, 90 प्रतिशत सांप होते हैं गैर-जहरीले लेकिन देरी बिल्कुल न करें

सांप के काटने के मामलों को लेकर IGMC के मेडिसिन विभाग के डॉ. संजय राठौर ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि करीब 90 प्रतिशत सांप नॉन-पॉइजनस (गैर-जहरीले) होते हैं, जिनमें जहर नहीं होता. हालांकि, सांप की प्रजाति खुद पहचानने या झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाने के बजाय मरीज को तुरंत अस्पताल पहुँचाना सबसे समझदारी भरा कदम है, ताकि जरूरत पड़ने पर सही समय पर इलाज मिल सके.

🧪 4. क्या होता है एंटी-स्नेक वेनम और कैसे तैयार किया जाता है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

डॉ. संजय राठौर ने बताया कि जहरीले सांप के काटने पर इस्तेमाल होने वाली दवा को एंटी-स्नेक वेनम सीरम (ASV) कहा जाता है, जो सांप के जहर को बेअसर करती है. इसे तैयार करने के लिए घोड़ों की मदद ली जाती है, जिनके शरीर में सांप के जहर से तैयार एंटीजन डालकर एंटीबॉडी विकसित कराई जाती हैं. शोध में यह भी सामने आया है कि कैस्पियन कोबरा का जहर बेहद खतरनाक हो सकता है और इसके असर को लेकर विशेषज्ञ लगातार अध्ययन कर रहे हैं.

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