गोवा के नाइट क्लब के अग्निकांड में कई लोगों की जान चली गई. अभी तक 25 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. इन 25 लोगों में एक परिवार दिल्ली और उत्तर प्रदेश के (first saved his wife) गाजियाबाद का भी था, जिसके 4 सदस्यों की इस हादसे में मौत हो गई. परिवार 4 दिसंबर को गोवा घूमने के लिए गया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये उनकी जिंदगी की आखिरी ट्रिप बन जाएगी.
नाइट क्लब में लगी भीषण आग ने कई जिंदगियां तबाह कर दी. गाजियाबाद की रहने वाली भावना जोशी अपने पति विनोद और तीन बहनों अनीता, सरोज और कमला के साथ 4 दिसंबर को गोवा गई थीं. गोवा में ये सभी एक होटल में रुके थे. शनिवार को जब ये घटना हुई. उससे महज 15 मिनट पहले ही भावना अपने पति और बहनों के साथ क्लब के अंदर गई थीं और 15 मिनट बाद इस हादसे में उन्होंने अपने पति और तीनों बहनों को खो दिया.
इस अग्निकांड में अपने परिवार में सिर्फ भावना ही बच पाईं. जब क्लब में आग लगी तो भावना के पति विनोद ने एकदम तेजी से भावना को क्लब के मेन गेट से बाहर धक्का दे दिया. इसके बाद वह अपने तीनों सालियों यानी भावना की बहनों को बचाने के लिए फिर से अंदर गए, लेकिन वह खुद भी आग की चपेट में आ गए. विनोद भी क्लब में सालियों के साथ आग में झुलस गए और चारों की जिंदा जलकर मौत हो गई.
first saved his wife – भावना को विनोद ने मेन गेट से बाहर कर दिया था, जिस वजह से भावना की जान बच गई, लेकिन उनकी तीनों बहनें और पति को उन्होंने हमेशा के लिए खो दिया. बाहर आकर भावना लगातार अपने पति के नंबर पर कॉल करती रहीं. विनोद के फोन पर रिंग जा रही थी तो भावना की उम्मीद बंधी हुई थी कि शायद विनोद उनकी बहनों के साथ जिंदा हों, लेकिन जब फोन नहीं उठाया गया तो उनकी उम्मीद टूट गई.

