उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज क्षेत्र के मजनूपुर गांव में विधवा महिला पेंशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां अच्छन खां नाम के व्यक्ति को तीन अलग-अलग तारीखों में मृत दिखाकर उसके नाम से तीन फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर लिए गए. इन्हीं प्रमाणपत्रों के सहारे तीन अलग-अलग बैंक खातों में (big scam of pension) विधवा पेंशन भेजी जा रही थी. जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा खेल फर्जी दस्तावेजों के जरिए चलाया जा रहा था. मामला खुलने के बाद हड़कम मचा हुआ है.
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दरअसल, सीडीओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत मनीष अग्रवाल ने जब जांच शुरू की, तो हैरान कर देने वाली बातें सामने आईं. जांच में पता चला कि वर्ष 2019 में मजनूपुर गांव के अच्छन खां नाम के व्यक्ति के नाम से एक नहीं बल्कि तीन-तीन मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए थे. पहला प्रमाणपत्र 15 मार्च 2019 को जारी हुआ, जिसमें मृत्यु की तारीख 10 मार्च लिखी गई. दूसरा प्रमाणपत्र 27 मार्च को बना, जिसमें 18 मार्च को मृत्यु बताई गई. तीसरा प्रमाणपत्र 30 मार्च को जारी हुआ, जिसमें मौत की तारीख 25 मार्च दर्ज थी.
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big scam of pension – तीनों प्रमाणपत्रों की जांच करने पर सामने आया कि ये सभी ऑफलाइन तरीके से बनाए गए थे, जबकि उस समय ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था लागू थी. एडीओ पंचायत मनीष अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा कि 2019 में ऑफलाइन मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का कोई नियम नहीं था. इसीलिए यह साफ है कि अच्छन खां के नाम से बने तीनों प्रमाणपत्र फर्जी हैं.

