दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के खिलाफ बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने दोनों पार्टियों से कहा है कि वे बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम से जुड़े उन पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाएं, जिनमें उन्हें 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है. जस्टिस मिनी पुष्करणा ने यह आदेश दुष्यंत कुमार गौतम (big relief to Dushyant Gautam) द्वारा दायर मानहानि के एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया.
कोर्ट ने राजनीतिक दलों को भविष्य में भी ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से मना किया है, जिसमें दुष्यंत गौतम को इस हत्या मामले का ‘VIP’ बताया गया हो. जज ने साफ किया कि अगर पार्टियां खुद इन पोस्ट को नहीं हटातीं, तो सोशल मीडिया कंपनियां खुद इन्हें हटा देंगी. अदालत ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी सहित अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ भी आदेश पारित किया.
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big relief to Dushyant Gautam – कोर्ट का मानना है कि बिना सबूत के बीजेपी नेता को हत्या के मामले से जोड़ना गलत है, इसलिए उनसे जुड़ी ऐसी सभी पोस्ट तुरंत हटाई जाएं. कोर्ट ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर अपलोड की गई इससे जुड़ी सारी पोस्ट और वीडियो को हटा दें. इस मामले में अगली सुनवाई चार मई को होगी.
अंकिता भंडारी की हत्या 2022 में हुई थी
अंकिता भंडारी की 2022 में हत्या कर दी गई थी. वह पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं. बाद में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को में गिरफ्तार किया गया और सेशन कोर्ट ने उन्हें इस अपराध के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई. हाल ही में अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया था, जिसमें एक कथित ‘वीआईपी’ का जिक्र किया गया है, जिसका इस मामले से कथित तौर पर संबंध बताया जाता है.


