बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में न्यायिक प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने गवाही के लिए बार-बार समन जारी होने के (immediately arrest the DSP) बावजूद उपस्थित नहीं होने पर तत्कालीन पुलिस लाइन डीएसपी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.
यह आदेश विशेष एनडीपीएस कोर्ट-2 के न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने दिया है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कड़ी कार्रवाई की. बताया गया कि कुढ़नी और सदर थाना क्षेत्र से जुड़े मादक पदार्थ जब्ती के दो अलग-अलग मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों को गवाही के लिए अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन बार-बार तलब किए जाने के बावजूद वे कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे. इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी.
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जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है, उनमें तत्कालीन कुढ़नी थानाध्यक्ष अरविंद पासवान, तत्कालीन डीएसपी (रक्षित) विपिन नारायण शर्मा, अनुसंधानकर्ता दारोगा विवेकानंद सिंह, एसआई प्रकाश कुमार, गृह रक्षक कुमोद कुमार, दिनेश चौधरी और रघुवीर सिंह शामिल हैं. इसके अलावा आईओ राजेश कुमार यादव, सिपाही छोटेलाल सिंह, संजीव कुमार, गृह रक्षक अरविंद कुमार और धनिक कुमार राणा के नाम भी वारंट सूची में शामिल हैं.
immediately arrest the DSP – मामला कुढ़नी थाना क्षेत्र के गरहुआ चौक से जुड़ा है. इस मामले में पुलिस ने रौशन कुमार नामक युवक को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार उसके पास से 1.920 मिलीग्राम स्मैक बरामद की गई थी. इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी और इसके बाद साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू होनी थी. हालांकि, गवाह के रूप में नामित पुलिसकर्मी बार-बार समन के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुए.
