राजधानी भोपाल में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से आम जनता को अपना निशाना बना रहे हैं। आलम यह है कि बीते 24 घंटों के भीतर साइबर धोखाधड़ी के कुल 25 मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने पीड़ितों से 15 लाख रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली है। जालसाजों ने कभी बैंक क्रेडिट कार्ड के वेरिफिकेशन का झांसा दिया, तो कभी सीआरपीएफ अधिकारी का घरेलू सामान सस्ते में दिलाने और कपड़े वापस कराने के नाम पर चूना लगाया। कई मामलों में मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर और यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए खातों से बड़ी रकम साफ कर दी गई।
💳 क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन और यूपीआई लिंक के जरिए बनाए शिकार, भेल कर्मचारी के खाते से उड़ाए 2.70 लाख
पिपलानी के सोनागिरी निवासी भेल कर्मचारी कमलेश कुमार पटेल को ठगों ने बैंक वेरिफिकेशन अधिकारी बनकर कॉल किया और एसबीआई तथा फेडरल बैंक के क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली। मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिलते ही उनके खाते से कुल 2.70 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह शाहपुरा निवासी नरेंद्र रैकवार के आईडीबीआई खाते से गूगल पे के जरिए 1.12 लाख और अशोका गार्डन निवासी मनोज साहू के खाते से अज्ञात लिंक के माध्यम से 1.62 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।
🛒 सीआरपीएफ अधिकारी का सामान और कपड़े वापसी का झांसा देकर की गई बड़ी ठगी
ठगों ने केवल तकनीकी माध्यमों ही नहीं, बल्कि सामान बेचने और रिफंड दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगा। अवधपुरी निवासी 70 वर्षीय सत्यार्थ प्रकाश अग्रवाल को सीआरपीएफ अधिकारी का पुराना घरेलू सामान (टीवी, फ्रिज, एसी आदि) सस्ते में बेचने का झांसा देकर 1.21 लाख रुपये हड़प लिए गए। वहीं कोलार निवासी रुचि गुप्ता को कपड़े वापस कराने के बहाने वीडियो कॉल पर उलझाकर फ्लिपकार्ट वाउचर और यूपीआई के जरिए 1.44 लाख रुपये ठग लिए गए। फिलहाल सभी मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


