भरतपुर : राजस्थान के भरतपुर स्थित ऐतिहासिक किले में विराजमान श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए लाखों रुपये मूल्य के दुर्लभ हीरे को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सोमवार को देवस्थान विभाग के उप शासन सचिव आलोक सैनी जयपुर से (big mistake found in records) विशेष जांच टीम के साथ भरतपुर मंदिर परिसर पहुँचे और भगवान बांके बिहारी की प्रतिमा पर सुशोभित हीरे की सघन जांच कराई।
big mistake found in records – जांच प्रक्रिया के दौरान मंदिर के वर्तमान व पूर्व पुजारी, देवस्थान विभाग के स्थानीय अधिकारी तथा हीरा दान करने वाली महिला मीरा बंसल को भी मौके पर उपस्थित रखा गया। उल्लेखनीय है कि महिला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि उनके द्वारा ठाकुर जी को चढ़ाया गया असली हीरा बदल दिया गया है।
जांच प्रक्रिया के अंतर्गत जब विशेषज्ञों द्वारा प्रतिमा से हीरा निकालकर दानदाता मीरा बंसल को दिखाया गया, तो उन्होंने उसे देखते ही तुरंत दावा किया कि यह वह हीरा नहीं है जो उन्होंने मंदिर में अर्पित किया था। मीरा बंसल ने जानकारी दी कि उन्होंने दिसंबर 2024 में भगवान बिहारी जी के चरणों में यह हीरा समर्पित किया था। उन्होंने यह मूल्यवान हीरा दिल्ली के करोल बाग स्थित एक नामचीन ज्वेलर्स से क्रय किया था, जिसका मूल बिल, लैब सर्टिफिकेट और यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड आज भी उनके पास सुरक्षित उपलब्ध है।
सोने के बजाय चांदी की कटोरी में मिला हीरा
दानदाता मीरा बंसल का स्पष्ट कहना है कि उनके द्वारा समर्पित किए गए हीरे के पिछले भाग में सोने की कटोरी लगी हुई थी, जिस पर हीरे का प्रामाणिक कोड अंकित था। इसके विपरीत, जांच के समय जो हीरा समक्ष लाया गया, उसके पीछे चांदी की कटोरी लगी पाई गई। इससे स्पष्ट होता है कि मंदिर में स्थापित हीरा बदला गया प्रतीत होता है।


