चंडीगढ़ : कथित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंथ विरोधी घोषित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि वीडियो में दिख रहा शख्स वह नहीं हैं। उन्होंने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट और कद-काठी को खुद से अलग बताया और इस (he is not me) पूरे मामले को उन्हें बदनाम करने की एक साजिश करार दिया।
“श्री अकाल तख्त साहिब में राजनीतिक नियुक्तियां”
मुख्यमंत्री मान ने श्री अकाल तख्त साहिब की कार्यप्रणाली और वहां की नियुक्तियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सिख समुदाय भली-भांति जानता है कि वहां नियुक्त किए गए राजनीतिक अधिकारी किस तरह के निर्णय ले रहे हैं।” उन्होंने अचरज जताते हुए पूछा कि धर्म के इतने उच्च पदों पर बैठे लोग कैसे कथित राजनीतिक आकाओं के झांसे में आ सकते हैं। मान ने दोहराया कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं और उनके सामने नमन करते हैं, लेकिन वर्तमान में लिए जा रहे फैसलों पर उन्हें संदेह है।
दिसंबर 2 के फैसले का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों में विरोधाभास का आरोप लगाया। उन्होंने 2 दिसंबर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग पहले बेअदबी और गोलीकांड के दोषियों को नियुक्तियां देने और टिकट बांटने के लिए जिम्मेदार थे, वे अब अलग-अलग बयान दे रहे हैं। मान ने (he is not me) सवाल किया कि बिना माफी मांगे किसी को कैसे माफ किया जा सकता है या किसी की माफी कैसे ठुकराई जा सकती है?
