बिहार के भागलपुर से एक बेहद हैरान, परेशान और शर्मनाक करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ शाहकुंड थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव में एक महिला को ‘डायन’ का कलंक लगाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने उसके कपड़े तक फाड़ने और उतारने का प्रयास किया। इस गंभीर घटना की सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उसने आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय एक अजीबोगरीब रुख अपनाया। पुलिसकर्मी खुद पीड़िता से आशीर्वाद लेते नजर आए और वहां मौजूद अन्य लोगों को भी ऐसा ही करने को कहने लगे। पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण यह गंभीर मामला एक मजाक बनकर रह गया है।
⚖️ पीड़िता की जुबानी: दबंगों ने दी जान से मारने और शरीर जलाने की धमकी
इस घटना के संबंध में पचरुखी गांव की रहने वाली पीड़िता तारा देवी ने शाहकुंड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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नामजद आरोप: पीड़िता ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ दबंगों—बसकी राम, बोरी राम, बिजली राम और बबलू राम ने उन्हें डायन कहकर घेर लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की।
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बदसलूकी और धमकियां: इस दौरान आरोपियों ने उनकी साड़ी खींचने की भी कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए गोली चलाने और शरीर में आग तक लगाने की बात कही।
घबराई और पीड़ित महिला ने थाने पहुंचकर अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है, ताकि उसे इन दबंगों से बचाया जा सके।
👮♂️ पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला पहलू पुलिस का संदिग्ध और संवेदनहीन रवैया रहा है। जब किसी महिला पर इतना गंभीर आरोप लगाकर उसे सरेआम प्रताड़ित किया जा रहा हो, तो खाकी का कर्तव्य उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजना होता है।
लेकिन इसके विपरीत, पुलिसकर्मियों ने मामले की गंभीरता को ताक पर रख दिया। इस वाकये ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।


