कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हुआ। तावरेकेरे थाना क्षेत्र स्थित पत्थर की खदान में अचानक एक विशाल चट्टान भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से बिहार के सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🏗️ काम के दौरान हुआ भीषण हादसा
पुलिस के अनुसार, मजदूर हमेशा की तरह खदान में पत्थर निकालने का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक चट्टान खिसक गई। मलबे के नीचे दबने से सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल पर घंटों तक चले बचाव अभियान में मलबे के नीचे दबे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
🔍 सुरक्षा मानकों की होगी गहन जांच
मृतक सभी मजदूर बिहार के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उनके परिवारों को सूचित किया जा रहा है। बेंगलुरु प्रशासन ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और इस बात की जांच के आदेश दिए गए हैं कि क्या खदान में काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या यह एक मानवीय चूक का नतीजा है।
⚖️ अधिकारियों ने घटनास्थल का लिया जायजा
वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार या खदान मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फ़िलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे को पूरी तरह हटाकर यह सुनिश्चित करना है कि वहां कोई और व्यक्ति फंसा न हो।


