नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब केंद्र सरकार का पूरा फोकस अवैध घुसपैठ की गंभीर चुनौती से निपटने पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जुलाई को दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में देश के सभी राज्यों के DGP और शीर्ष सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में न केवल अवैध घुसपैठियों की पहचान (Action Plan Against Illegal Infiltration) कर उन्हें वापस भेजने की रणनीति बनेगी, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले पूरे ‘इको-सिस्टम’ को ध्वस्त करने का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।
Action Plan Against Illegal Infiltration – सरकार का स्पष्ट मानना है कि अवैध घुसपैठ केवल एक सीमा सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संगठित नेटवर्क है। घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने, उन्हें बसाने और रोजगार दिलाने वाले नेटवर्क को चिन्हित करना इस बैठक का मुख्य एजेंडा है। गृह मंत्रालय की रणनीति है कि अलग-अलग राज्यों में टुकड़ों में कार्रवाई करने के बजाय पूरे देश में एक साथ समन्वित अभियान चलाया जाए।
🌏 देशव्यापी ब्लूप्रिंट की तैयारी
सरकार का मानना है कि अलग-अलग राज्यों में अलग कार्रवाई के बजाय पूरे देश में एक साथ अभियान चलाकर ही इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। गृह मंत्री ने हाई-लेवल कमिटी को जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें देने का सुझाव दिया है। 9 जुलाई को होने वाली यह बैठक देशभर में अवैध घुसपैठ के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई का ब्लूप्रिंट साबित हो सकती है। नक्सलवाद के खात्मे की तर्ज पर घुसपैठियों को देश से निकालने के लिए एक निश्चित समय-सीमा और ठोस कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।


