कोलकाता/बिधाननगर : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर पहचान पत्रों को लेकर बड़ा सियासी घमासान शुरू हो गया है। बिधाननगर के सॉल्ट लेक इलाके में स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक दफ्तर से चुनाव से पहले भारी मात्रा में आधार कार्ड मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चुनाव के (many aadhaar cards recovered) दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस टीएमसी दफ्तर पर कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ताला जड़ दिया था।
📋 पार्क के बाहर लावारिस हालत में मिले थे कार्ड
यह विवाद नया नहीं है, इससे पहले भी सॉल्ट लेक इलाके से ऐसी ही संदिग्ध तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। पश्चिम बंगाल में साल 2025 में वोटर लिस्ट के चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) अभियान के बीच कोलकाता के सॉल्ट लेक में ही एक सार्वजनिक पार्क के बाहर कई आधार कार्ड बेहद लावारिस और संदिग्ध हालत में फेंके हुए मिले थे. जब इन कार्ड्स को उठाकर देखा गया, तो सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए, क्योंकि इन पर पश्चिम बंगाल के बजाय उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे सुदूर राज्यों के स्थायी पते छपे हुए थे।
🕵️ बिधाननगर नॉर्थ पुलिस की तफ्तीश जारी
मैदान के किनारे संदिग्ध पहचान पत्र मिलने के तुरंत बाद जागरूक स्थानीय निवासियों ने इसकी लिखित सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन को दी थी। ये सारे कार्ड्स अलग-अलग राज्यों के नागरिकों के हैं और (many aadhaar cards recovered) ये इतनी बड़ी संख्या में यहाँ कोलकाता के पॉश इलाके में कैसे और किस उद्देश्य से पहुंचे, यह अभी भी पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बनी हुई है, जिसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
