बसीरहाट : पश्चिम बंगाल के बसीरहाट प्रशासन ने इलाके में भूमि अतिक्रमण (bulldozer on illegal construction of TMC leader) और अवैध निर्माण के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों पर निर्णायक कार्रवाई की है। कलकत्ता उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के सख्त निर्देश का पालन करते हुए, अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ शनिवार सुबह बुलडोजर तैनात कर एक बेहद विवादित ढांचे को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। यह कार्रवाई बसीरहाट के हसनबाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत अमलानी ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आने वाले तलपुकुर बाजार इलाके में की गई।
⚖️ न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जमीन को लेकर यह विवाद काफी समय से चल रहा था। जब पीड़ित गियासुद्दीन घरामी ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर न्याय के लिए न्यायपालिका का रुख किया, तो मामला अंततः कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंचा। दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेज देखने के बाद न्यायालय ने अवैध ढांचे को तुरंत गिराने का आदेश जारी किया था। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप था कि आरोपी के राजनीतिक प्रभाव और रसूख के इस्तेमाल के चलते इस न्यायालयी आदेश का कार्यान्वयन प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से जानबूझकर रोका गया था।
📢 मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी दिए थे कड़े संकेत
स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने दावा किया कि न्यायालयी निर्देश होने के बावजूद, प्रशासनिक सुस्ती के कारण काफी समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण को लेकर राज्यव्यापी राजनीतिक बहस के बीच यह मुद्दा हाल ही में फिर से सुर्खियों में आ गया। राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी कई (bulldozer on illegal construction of TMC leader) सार्वजनिक बयानों में अवैध अतिक्रमण, भू-माफियाओं और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ खुलकर अपनी राय रखी थी और अधिकारियों को कानून के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
