कोलकाता/मुर्शिदाबाद: आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर के एक विवादित बयान से पश्चिम बंगाल का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के “जल्दी जाने” के लिए दुआ करेंगे और अल्लाह से (Allah shoul book ticket) कहेंगे कि “उनका टिकट बुक” कर दे।

Allah shoul book ticket – हुमायूं कबीर ने कहा कि वह चाहते हैं कि शुभेंदु अधिकारी जल्द से जल्द मुख्यमंत्री पद से हटकर पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएं। रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव के ठीक पहले आए इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए उन प्रमुख राजनेताओं का भी उल्लेख किया जिनकी अतीत में हत्या या दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। कबीर ने कहा कि इस तरह से उनका घमंड समाप्त हो जाएगा।

हुमायूं कबीर ने अपनी टिप्पणी के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ-साथ महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संभालने के बाद सरकार में अहंकार आ गया है और राज्य में अल्पसंख्यकों को लगातार परेशान किया जा रहा है। कबीर और शुभेंदु अधिकारी के बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद रहे हैं।

भाजपा का तीखा पलटवार: ‘कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती’

हुमायूं कबीर की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद तीखा विरोध दर्ज कराया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी राजनीतिक विरोधी की मौत की कामना करना राजनीति के सबसे निचले स्तर को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखोपाध्याय ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नीतियों से असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन इतनी बेशर्मी से किसी के जीवन को लेकर ऐसी टिप्पणी करना अस्वीकार्य है।

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