बरनाला : बरनाला शहर में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब नगर परिषद के पूर्व पार्षद जग्गा सिंह (निवासी संधू पट्टी) ने अपने घर की छत पर पंखे से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना (former councilor commits suicide) न केवल एक परिवार की निजी त्रासदी है, बल्कि इसने शहर के राजनीतिक और व्यापारिक क्षेत्रों में भी हड़कंप मचा दिया है।
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former councilor commits suicide – मृतक के भाई और नामी ठेकेदार मलकीत सिंह मीता ने इस मामले का सबसे दुखद पहलू उजागर किया है। जग्गा सिंह ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने दो कालोनाइजरों पर पिछले एक साल से उनके पैसे न देने और लगातार टाल-मटोल करने का गंभीर आरोप लगाया है। नोट में जग्गा सिंह ने लिखा है कि वह कालोनाइजरों की इसी ‘धोखेबाजी और बेवफाई’ से तंग आकर यह कदम उठाने को मजबूर हुए हैं।
इंसाफ के बिना अंतिम संस्कार नहीं
जग्गा सिंह के परिवार ने न्याय के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। मलकीत सिंह मीता ने स्पष्ट ऐलान किया है कि जब तक दोषी कालोनाइजरों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज नहीं करती, तब तक जग्गा सिंह का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। यह मांग समाज में बढ़ती उस कुरीति पर प्रहार है, जहां प्रभावशाली लोग आम आदमी की मेहनत की कमाई को दबाने का प्रयास करते हैं।


